
सरायकेला: झारखंड के सरायकेला जिले में हाथियों का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिससे चांडिल वन क्षेत्र के रसूनिया पंचायत के ग्रामीण दहशत में जी रहे हैं। पिछले एक सप्ताह से हाथियों का झुंड लगातार गाँव में घुसकर तबाही मचा रहा है, जिससे दर्जनों घर और किसानों की फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इस विकट स्थिति में भी वन विभाग पूरी तरह से उदासीन बना हुआ है।

बीती रात, हाथियों के झुंड ने रसूलिया गाँव में प्रवेश कर जमकर उत्पात मचाया। उन्होंने लव महतो की धान की खड़ी फसल को रौंद डाला, कृष्ण दास महतो के घर के तुलसी मंच को तोड़ दिया और राकेश महतो की राशन दुकान को भी नहीं छोड़ा, जहाँ उन्होंने चावल, आलू और दाल जैसी सामग्री को खा डाला। इसके अलावा, हाथियों ने प्राथमिक विद्यालय में मिड डे मील के लिए रखे अनाज को भी अपना निवाला बनाया। इस आतंक से गाँव के लोग भयभीत हैं और सूरज ढलते ही अपने घरों में कैद होने को मजबूर हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि वे बार-बार वन विभाग को इस समस्या की जानकारी दे रहे हैं, लेकिन कोई भी अधिकारी उनकी सुध लेने नहीं आया। एलिफेंट ड्राइव टीम भेजना तो दूर, विभाग का कोई भी कर्मचारी मौके पर नहीं पहुँचा है। इस वजह से किसानों की साल भर की मेहनत से उगी धान की फसलें हाथियों के पैरों तले कुचली जा रही हैं, और प्रशासन इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
विस्थापित अधिकार मंच फाउंडेशन के अध्यक्ष राकेश रंजन महतो ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि हाथियों को भगाने के लिए तुरंत एक विशेष टीम भेजी जाए और प्रभावित किसानों व ग्रामीणों को तुरंत मुआवजा दिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो ग्रामीण जन आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।
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