
चांडिल वन क्षेत्र अधीन ओड़िया पंचायत कुम्हारी गांव में बीते रात्रि हाथी के झुंड ने खड़ी धान की फसल को खाया और रौंद डाला। ग्रामीणों में दहशत का माहौल है, और वे वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं।

हाथी के आतंक की समस्या:

-हाथी का झुंड: चांडिल दलमा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी के गज परियोजना से पलायन करके ईचागढ़ विधान सभा के विभिन्न प्रखंड क्षेत्र में छोटे-बड़े जंगल में डेरा डाले हुए हैं।
-क्षति: हाथी के झुंड ने कई गांवों में फसलों को नुकसान पहुंचाया है और घरों को भी क्षतिग्रस्त किया है।
– वन विभाग की लापरवाही: ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग हाथी के आतंक को रोकने में नाकाम है और मुआवजा देने में भी आनाकानी कर रहा है।
पर्यावरण दिवस पर सवाल:
– पर्यावरण दिवस: विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वन विभाग द्वारा किए गए दावों की पोल खुल गई है, जब हाथी के आतंक से एक ग्रामीण की जान चली गई।
– जंगल की सुरक्षा: ग्रामीणों का सवाल है कि जब जंगल ही सुरक्षित नहीं है तो पर्यावरण कैसे सुरक्षित रहेगा?
ग्रामीणों की मांग:
– मुआवजा: ग्रामीण मुआवजा की मांग कर रहे हैं और वन विभाग से हाथी के आतंक को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील कर रहे हैं।
– सुरक्षा: ग्रामीणों को अपने जीवन और संपत्ति की सुरक्षा की चिंता है, और वे वन विभाग से सुरक्षा के लिए कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।
नेताओं की चुप्पी:
– नेताओं की अनदेखी: ग्रामीणों का आरोप है कि नेता और अधिकारी हाथी के आतंक की समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं और मुआवजा देने में भी आनाकानी कर रहे हैं।
– ग्रामीणों की परेशानी: ग्रामीण परेशान हैं और उन्हें अपने जीवन और संपत्ति की सुरक्षा की चिंता है।
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