
रामगढ़, झारखंड: झारखंड के रामगढ़ जिले में शुक्रवार देर रात सीसीएल करमा प्रोजेक्ट (सुगिया) में हुए एक दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर अवैध खनन की गंभीर समस्या को उजागर कर दिया है। 4-5 जुलाई की दरम्यानी रात अवैध खनन के दौरान चाल धंसने से 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि 4 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

यह हादसा उस वक्त हुआ जब खदान के भीतर 8-10 लोग अवैध रूप से खनन कर रहे थे और अचानक मिट्टी का बड़ा हिस्सा धंस गया। सुबह होते ही घटनास्थल पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई और उन्होंने अपने स्तर पर ही राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। दोपहर तक मलबे से 4 शवों को बाहर निकाला गया और 4 लोग जख्मी हालत में मिले।

घायलों में दो की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। एक व्यक्ति का पैर बुरी तरह जख्मी हुआ है, वहीं एक महिला की कमर टूट गई है। इस हृदय विदारक घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने मृतकों के शवों को प्रोजेक्ट कार्यालय के पास रखकर मुआवजे की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि सीसीएल ने कुछ दिन पहले ओपन कास्ट ब्लास्टिंग की थी, लेकिन बारिश के कारण काम रोक दिया गया था। खदान बंद होने के बावजूद, यहां अवैध खनन बेरोकटोक जारी था, जो इस दुर्भाग्यपूर्ण हादसे का मुख्य कारण बना।
राज्य में विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने इस हादसे के लिए सीधे तौर पर राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड में पुलिस और सत्ता के संरक्षण में अवैध खनन का धंधा धड़ल्ले से चल रहा है और सरकार इस पर आंखें मूंदे हुए है। यह घटना राज्य में अवैध खनन के खिलाफ कठोर कार्रवाई की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित करती है।
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