
संवाददाता: नरेश विश्वकर्मा निरसा (धनबाद): उत्तर प्रदेश की औरैया पुलिस ने निरसा क्षेत्र में तीन दिनों तक छापेमारी कर फर्जी शेल कंपनियां बनाकर करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी करने के आरोप में 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, इस गिरफ्तारी ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है— पकड़े गए लोग कोई बड़े कारोबारी नहीं, बल्कि ऑटो चालक, खैनी विक्रेता और दिहाड़ी मजदूर हैं।

आधार और पैन कार्ड लेकर बनाया गया ‘मोहरा’

पकड़े गए मजदूरों की कहानी सुनकर हर कोई दंग है। उनके अनुसार, मैथन मेढा क्षेत्र के रहने वाले श्याम सुंदर पासवान ने उन्हें कोऑपरेटिव सोसाइटी बनाकर सरसों तेल मिल खोलने का झांसा दिया था। नौकरी और 5,000 रुपये प्रति माह का लालच देकर उनके आधार, पैन और वोटर कार्ड ले लिए गए। एक साल तक उन्हें नकदी पैसे दिए गए, लेकिन उन्हें भनक तक नहीं लगी कि उनके नाम पर करोड़ों का फर्जीवाड़ा हो रहा है।
जीएसटी का ‘जी’ भी नहीं जानते ये मजदूर
गिरफ्तार उमेश मालाकार, प्रदीप शर्मा, अनिल शर्मा और अन्य ने बताया कि वे गरीब और अनपढ़ हैं। उन्हें जीएसटी (GST) के बारे में कोई जानकारी नहीं है। सूत्रों के मुताबिक, उनके दस्तावेजों का इस्तेमाल कर शेल कंपनियां बनाई गईं और भारी राजस्व की चोरी की गई।
मामले की पृष्ठभूमि
यूपी के इटावा जिले के राज्य कर अधिकारी वीरी सिंह ने 30 जुलाई 2025 को औरैया कोतवाली में कर चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी। इसी मामले की जांच करते हुए यूपी पुलिस निरसा पहुंची। पुलिस अब इन मजदूरों को ट्रांजिट रिमांड पर उत्तर प्रदेश ले जाने की तैयारी कर रही है।
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