
सरायकेला: नगर पंचायत चुनाव के नतीजों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जनता काम करने वाले और सुख-दुख में साथ निभाने वाले नेता को ही अपना प्रतिनिधि चुनती है।
सरायकेला नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए हुए कड़े मुकाबले में मनोज चौधरी ने भारी मतों के अंतर से ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। उनकी इस जीत के बाद पूरे क्षेत्र में जश्न का माहौल है और समर्थकों ने इसे ‘विकास और विश्वास’ की जीत बताया है।
मनोज चौधरी की यह जीत अचानक नहीं मिली है। इससे पहले वे नगर पंचायत उपाध्यक्ष के पद पर रहते हुए जनता के बीच अपनी गहरी पैठ बना चुके थे। स्थानीय लोगों का मानना है कि उपाध्यक्ष रहते हुए उन्होंने राजनीति से ऊपर उठकर जनसेवा को प्राथमिकता दी।
विकास कार्य जो बने जीत का आधार
चुनाव प्रचार के दौरान भी जनता के बीच उनके द्वारा किए गए कार्यों की चर्चा सबसे अधिक रही। उनके कार्यकाल की कुछ मुख्य उपलब्धियां इस प्रकार हैं:
उन्होंने श्मशान घाट जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण लेकिन अक्सर उपेक्षित कार्यों का निर्माण करवाया, जिसे उनकी मानवीय सोच का प्रतीक माना जाता है।
शहर में सड़कों का जाल बिछाने और जल निकासी जैसी समस्याओं के समाधान में उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई।
सरायकेला की जनता उन्हें ‘गरीबों का मसीहा’ मानती है क्योंकि वे हर वर्ग के व्यक्ति के व्यक्तिगत संकट में हमेशा साथ खड़े नजर आए।
परिणामों की घोषणा के बाद मनोज चौधरी ने सरायकेला की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा, “यह जीत मेरी नहीं, बल्कि सरायकेला के हर उस नागरिक की जीत है जिसने मुझ पर भरोसा जताया है।
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