
गोविंदपुर! शंखनाद, भेरी, मृदंग, घंटे आदि पारंपरिक वाद्य यंत्रों के बीच बनारस की शिव महाआरती के तर्ज पर 11 सदस्यीय पुजारियों की टीम ने जब जलते दीपक को एक साथ उठाया और मां गंगा की आरती शुरू की तो लगा दुधिया रोशनी से नहाया गोविंदपुर का छठ तालाब बनारस के दशाश्वमेध घाट में तब्दील हो गया हो।

असंख्य बिजली बल्बों से जगमग तालाब इतना मनमोहक लग रहा था कि दर्शक भावविभोर हो हर हर गंगे… हर हर महादेव का जयघोष कर उठे। गगनभेदी जयघोष से पूरा इलाका गुंजायमान हो गया।

यह तब और परवान चढ़ गया, जब ओज स्वर से निकलते रावण रचित शिव तांडव स्तोत्र- “जटा टवी गलज्जलप्रवाह पावितस्थले गलेऽव लम्ब्यलम्बितां भुजंगतुंग मालिकाम्।
डमड्डमड्डमड्डमन्निनाद वड्डमर्वयं चकारचण्डताण्डवं तनोतु नः शिव: शिवम्…” पर तांडव करने लगा।
करीब डेढ घंटे के इस तांडव ने ऐसा समां बांधा कि दर्शक मंत्रमुग्ध हो देखते रह गए। प्रतीत हो रहा था जैसे पूरा तालाब शिव तत्व की ऊर्जा से भर गया हो और सभी दर्शक शिव तत्व में लीन हो गए हों।
अवसर था जगत जननी मां दुर्गा के प्राण प्रतिष्ठा के चौथे दिन शनिवार शाम छठ तलाब में आयोजित गंगा आरती का। इसके पूर्व देवी विग्रह एवं विंध्याचल से ज्योत का बाजा गाजा के साथ नगर भ्रमण कराया गया।
इस दौरान बीच बाजार में नवीन भगत की ओर से सभी के लिए पेयजल एवं शरबत का प्रबंध किया गया था । शोभायात्रा में बनारस का डमरू, सुनामी भांगड़ा और डांडिया आकर्षण का केंद्र था ।
मंदिर संस्थापक शंभूनाथ अग्रवाल, नंदलाल अग्रवाल एवं बलराम अग्रवाल ने सभी का स्वागत पगड़ी बांधकर किया । इस अवसर पर जीटा अध्यक्ष अमितेश सहाय, महासचिव राजीव शर्मा, शैलेंद्र , भाजपा जिलाध्यक्ष घनश्याम ग्रोवर, ज्ञान रंजन सिन्हा, पुलिस इंस्पेक्टर रुस्तम अली समेत बड़ी संख्या में समाज के सभी वर्गों के लोग मौजूद थे।
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