
बोकारो थर्मल: डीवीसी मुख्यालय कोलकाता में भाजपा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष और डीवीसी ठेका मजदूर संघ के महामंत्री भरत यादव ने डीवीसी के चेयरमैन एस. सुरेश से मुलाकात की। इस दौरान, श्री यादव ने डीवीसी के विभिन्न प्रतिष्ठानों के आवासीय परिसरों में लगाए गए बिजली के स्मार्ट मीटर को हटाने और बिजली बिल भुगतान की पूर्ववर्ती व्यवस्था बहाल करने की मांग की।

स्मार्ट मीटर पर भारी रोष, गलत बिलिंग का आरोप
श्री यादव ने चेयरमैन को जानकारी देते हुए बताया कि डीवीसी के स्थायी कर्मचारियों, सप्लाई मजदूरों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों और अन्य ठेका श्रमिकों के आवासों में लगाए गए स्मार्ट मीटर के माध्यम से गलत बिजली बिल दिए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि स्थानीय प्रबंधन ने 1 जुलाई 2025 से स्मार्ट मीटर के माध्यम से बिजली बिल भुगतान और रिचार्ज करने की सार्वजनिक घोषणा की थी, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से अगस्त 2024 से बिजली बिल के साथ विलंब से भुगतान का जुर्माना भी मांगा जा रहा है, जबकि स्मार्ट मीटर कुछ महीने पहले ही आंशिक रूप से लगाए गए हैं।

श्री यादव ने इस बात पर घोर आपत्ति व्यक्त की कि बिल का भुगतान और स्मार्ट मीटर का रिचार्ज न कराने पर डीवीसी कर्मियों के आवासों की बिजली काटी जा रही है। उन्होंने कहा कि उचित रखरखाव के अभाव में बिजली उत्पादन करने वाले स्थायी कर्मचारियों, ठेका श्रमिकों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के साथ गैर-डीवीसी सामान्य उपभोक्ताओं जैसा व्यवहार करना अनुचित है। उन्होंने चेतावनी दी कि डीवीसी कर्मियों में भारी रोष है, जिसके कारण होने वाले आंदोलन से औद्योगिक शांति भंग हो सकती है।
झारखंड सरकार की तर्ज पर मुफ्त बिजली और पुरानी व्यवस्था बहाली की मांग
श्री यादव ने चेयरमैन से मांग की कि झारखंड सरकार की तर्ज पर सभी डीवीसी कर्मियों को 200 यूनिट बिजली मुफ्त में दी जाए। उन्होंने स्मार्ट मीटर हटाकर बिजली बिल भुगतान की पूर्ववर्ती व्यवस्था बहाल करने की भी मांग की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने मांग की कि सप्लाई और अन्य ठेका श्रमिकों को भी स्थायी कर्मचारियों के समान ऊर्जा भत्ता दिया जाए या पूर्व की भांति मूल वेतन का एक फीसदी बिजली चार्ज के रूप में उनके वेतन से कटौती की जाए। सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन से भी बिजली चार्ज पहले की तरह कटौती करने की मांग की गई, और यह स्पष्ट किया गया कि स्मार्ट मीटर हर हाल में हटाया जाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लगाने वाली जियो ऊर्जा लिमिटेड द्वारा मनमाने ढंग से बिजली बिल और जुर्माना का दावा किया जा रहा है। श्री यादव ने बताया कि स्मार्ट मीटर का नियंत्रण स्थानीय स्तर पर नहीं है, जिससे गलत बिल का निराकरण किसी स्थानीय अधिकारी के पास नहीं हो पाता और अनायास बिजली काटकर डीवीसी कर्मियों के स्वाभिमान और भावनाओं को ठेस पहुंचाई जा रही है।
अन्य प्रमुख मांगें
उपरोक्त मांगों के अलावा, श्री यादव ने कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे भी उठाए:
- बोकारो और चंद्रपुरा ताप विद्युत केंद्र के कैंटीन में कार्यरत श्रमिकों को केंद्रीय उप मुख्य श्रमायुक्त, धनबाद द्वारा निर्धारित वेतनमान एवं सुविधा देना।
- बोकारो थर्मल के आवासीय परिसर के विद्युत अनुरक्षण में कार्यरत 19 ठेका श्रमिकों को पदोन्नत करना और उनके आवास का किराया सप्लाई मजदूरों के समान करना।
- मैथन में जलापूर्ति और डीवीसी के विभिन्न प्रतिष्ठानों में कार्यरत वानिकी के श्रमिकों को पदोन्नत करना।
- कैजुअल श्रमिकों को भारत सरकार के दिशा-निर्देश के अनुसार वेतन एवं सुविधा देना।
- बोकारो थर्मल में मृत सप्लाई मजदूर पति महतो के आश्रित को समझौते के अनुसार नियोजित करना।
श्री यादव ने बताया कि इन सभी मांगों के आलोक में चेयरमैन ने संबंधित अधिकारियों से वार्ता कर सकारात्मक कार्रवाई हेतु आश्वस्त किया है।
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