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बी0एस0एफ0 मेरू कैम्प में बड़े हर्षोल्लास एवं धूमधाम से मनाया गया सीमा सुरक्षा बल का 60 वां स्थापना दिवस।

ByBiru Gupta

Dec 1, 2024

 

दारू /हजारीबाग सीमा सुरक्षा बल के 60 वें स्थापना दिवस के मौके पर मेरू कैम्प परिसर स्थित अन्नताचारी स्टेडियम में कमलजीत सिंह बन्याल, महानिरीक्षक, प्रशिक्षण केन्द्र एवं विद्यालय तथा सहायक प्रशिक्षण केन्द्र के तत्वावधान में बड़ा खाना व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया, जिनकी शुरुआत महानिरीक्षक द्वारा पौधारोपण कर की गई। इस पावन अवसर पर राजेश कुमार, उप0 महानिरीक्षक, राकेश रंजन लाल, उप0 महानिरीक्षक, देवजीत कुमार प्रमाणिक, उप0 महानिरीक्षक, गणेश कुमार, समादेष्टा (एस0टी0एस0), श्री मुकुंद कुमार झा, समादेष्टा (एस0टी0सी0), मेरू परिसर के अधिकारी, अधिनस्थ अधिकारी, अन्य कार्मिक एवं झारखण्ड राज्य के सीमा सुरक्षा बल के सेवा निवृत कार्मिक उपस्थित रहे।

सीमा सुरक्षा बल 01 दिसंबर 1965 से राष्ट्र की अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा के साथ-साथ आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी का निर्वहन भी कर रहा है। बल के संस्थापक श्री के0 एफ0 रूस्तम जी, आई0पी0एस0, प्रथम महानिदेशक के कुशल नेतृत्व और दूरदर्शिता का करिश्मा, सन् 1971 के भारत पाक युद्व में सीमा सुरक्षा बल के अविस्मरणीय योगदान में दिखा, जहाँ युद्ध में भारतीय सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर अभूतपूर्व विजय मेे सीमा सुरक्षा बल बराबरी पर खड़ी थी। सीमा सुरक्षा बल के शहीद सीमा प्रहरियों को उनके शौर्य, साहस एवं बलिदान के लिए 01 महावीर चक्र एवं 11 वीर चक्र से नवाजा गया।

सीमा सुरक्षा बल कुल 193 वाहिनियों में कार्यरत 2.65 लाख कार्मिकों के साथ अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं की रक्षा के साथ-साथ आतंरिक सुरक्षा जैसे नागालैंड, मिजोरम, मणिपुर जैसे राज्यों की दुर्गम पहाड़ियों, छतीसगढ़, ओडिसा के घने जंगलो तथा जम्मु और कश्मीर के बर्फीले इलाकों में नक्सलवाद व उग्रवाद से लड़ने में अपना अहम योगदान दे रहा है, साथ ही वी0आई0पी0 सुरक्षा जैसे एन0एस0जी0, एस0पी0जी0 एवं संयुक्त राष्ट्र अभियान के विश्वव्यापी सुरक्षा में भी अपना योगदान दे रहा हैै। सीमा सुरक्षा बल विश्व के सबसे बड़े बॉर्डर गार्डिंग फोर्स के बहादुर जवानों को तोपखाना, वायु एवं जल स्कंध, उँट एवं श्वानों के दस्ते, कमांडो युनिट, संचार स्कंध बेहतरीन प्रशिक्षण तथा स्वास्थ सेवाओं से मजबूत किया गया है।

सीमा सुरक्षा बल के सीमा प्रहरीयों को अब तक उनके कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र की सुरक्षा में अपना सर्वोच्च बलिदान देने हेतु 01 महावीर चक्र, 13 वीर चक्र, 04 कीर्ति चक्र, 13 शौर्य चक्र, 56 सेना मेडल, 232 पी0पी0एम0जी0 एवं 968 पी0एम0जी0 दिए जा चुके है।

सीमा सुरक्षा बल के 60 वें स्थापना दिवस के इस आयोजन को यादगार बनाने के लिए मेरू कैंप सीमा सुरक्षा बल के द्वारा कई सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। बड़े खाने के साथ-साथ सीमा सुरक्षा बल की जॉज एवं ब्रास बैंड की धुन व सीमा प्रहरीयों के सीमा सुरक्षा बल गान, देशभक्ति गीत व नृत्य देखते ही बनते थे। समस्त मेरू परिवार व बल के सेवा निवृत कार्मिकों ने बड़े ही हर्षोल्लास व धूमधाम से सी0सु0बल स्थापना दिवस मनाया।

श्रीमती मौसमी प्रमाणिक, वरिष्ठ बावा स्दस्य के तत्वावधान में मेरु परिसर स्थित परिवार कल्याण केन्द्र में बावा स्दस्यों और परिसर एवं उसके आस-पास रह रही वीरांगनाओं के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम व बडे खाने का आयोजन किया गया। इस दौरान सभी वरिष्ठ बावा सदस्याएं एवं प्रहरी संगिनियां कार्यक्रम में शामिल हुई।

कार्यक्रम के समापन पर कमलजीत सिंह बन्याल, महानिरीक्षक महोदय ने अपने संबोधन में कहा कि आज का दिन हर एक सीमा प्रहरी व उनके परिजनों के लिए हर्ष का दिन है। सीमा सुरक्षा बल जो कि भारत की प्रथम रक्षा पंक्ति के रूप में अतंर्राष्ट्रीय सीमाओं व आतंरिक सुरक्षा में अपनी अहम भुमिका प्रदान कर रहा है, बल का प्रत्येक कार्मिक राष्ट्र की सुरक्षा में अपना अहम योगदान दे रहा है। उन्होने कहा कि प्रशिक्षण केन्द्र एवं विद्यालय, सी0सु0 बल मेरू कैंप को बल के कार्मिकों को प्रोफेशनल कोर्सों में प्रशिक्षण प्रदान करने तथा सहायक प्रशिक्षण केन्द्र को नवआरक्षकों को बुनियादी प्रशिक्षण की जिम्मेदारी निभाने का अद्वितीय जिम्मेदारी का गौरव प्राप्त है, जिसे नित नए आयाम स्थापित करते हुए पूरा करते रहे हैं। महानिरीक्षक ने मेरू कैम्प के सभी कार्मिकों व उनके परिजनों को इस दिवस की बधाई दी तथा कार्यक्रम में आए झारखण्ड राज्य के सीमा सुरक्षा बल के सेवा निवृत कार्मिकों का आभार व्यक्त किया।


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