
देवघर, 21जुलाई! झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में सावन की दूसरी सोमवारी को शिव भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा है. यह दिन इस बार और भी खास है क्योंकि सोमवारी के साथ एकादशी का भी अद्भुत संयोग बना है, जिसे बेहद शुभ माना जा रहा है. इस दुर्लभ योग के चलते तीन लाख से अधिक कांवरियों के जलार्पण करने की उम्मीद है, जिससे पूरे देवघर में भक्ति और उत्साह का माहौल है.

भोर से ही बाबाधाम पहुंचने वाले कांवरियों की कतारें लंबी होती चली गईं. कांवरियों के “बोल बम” के जयकारों से पूरा वातावरण गुंजायमान हो रहा है. सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा न हो. मंदिर प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन भीड़ को नियंत्रित करने और सुचारू रूप से जलार्पण सुनिश्चित करने के लिए लगातार कार्यरत हैं.

यह सावन की दूसरी सोमवारी है, और हर सोमवार को यहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है. लेकिन इस बार एकादशी के संयोग ने इसे और भी विशेष बना दिया है. मान्यता है कि इस विशिष्ट योग में किया गया जलार्पण भक्तों की मनोकामनाओं को शीघ्र पूर्ण करता है. कांवरिया, जो सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा पैदल तय करके पवित्र गंगाजल लेकर देवघर पहुंचते हैं, अपनी श्रद्धा और भक्ति का अनूठा प्रदर्शन करते हैं.
प्रशासन ने पेयजल, चिकित्सा सुविधाओं और विश्राम स्थलों की व्यवस्था की है ताकि कांवरियों को अपनी लंबी यात्रा के बाद आराम मिल सके. देवघर की सड़कें कांवरियों के केसरिया रंग से रंगी हुई दिख रही हैं, जो शिव के प्रति उनकी अटूट आस्था का प्रतीक है. यह अद्भुत नजारा देवघर में हर सावन में देखने को मिलता है, लेकिन इस बार का सोमवारी और एकादशी का संयोग इसे और भी अविस्मरणीय बना रहा है.
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