
गोपालगंज: बिहार के गोपालगंज के मीरगंज थाना क्षेत्र के फतेहपुर गांव निवासी दो चचेरे भाइयों को म्यांमार में बंधक बनाकर साइबर अपराध कराया जा रहा है. वहीं युवकों के परिजन पीएम नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और जिला प्रशासन से वतन वापसी की गुहार लगा रहे हैं. वहीं मानव तस्करी के मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर एनआईए को हैंडओवर करने की बात कही.

म्यांमार में बेचे गए दोनों भाई:

दरअसल इस संदर्भ में बताया जा रहा है कि मीरगंज थाना क्षेत्र के फतेहपुर गांव निवासी दो चचेरे भाइयों को थाईलैंड में नौकरी दिलाने का झांसा दिया गया. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के सिविल लाइन निवासी विदेश भेजने वाला एजेंट नीरज कुमार यादव द्वारा दोनों को म्यांमार में चाइनीज एजेंट के हाथों में बेच दिया गया. इस संदर्भ में फतेहपुर गांव निवासी रोशन अली ने हथुआ एसडीपीओ व मीरगंज थाना को आवेदन देकर दोनों बंधक बने युवकों की वतन वापसी की गुहार लगाई है.
एजेंट ने पैसा लेकर भेजा विदेश:
पुलिस को दिए आवेदन में रोशन अली ने बताया कि उनके बेटे रोशन वाहिद और भतीजे सउद अली विदेश जा रहे थे. जिसके लिए उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के सिविल लाइन के निवासी विदेश भेजने वाले एजेंट नीरज कुमार यादव से बातचीत की थी. एजेंट ने पैसा लेकर दोनों युवकों को बीते 26 अक्टूबर को विजिट वीजा के सहारे दिल्ली से फ्लाइट द्वारा थाईलैंड भेज दिया था.
म्यांमार में दोनों भाइयों को किया कैद:
थाईलैंड में साक्षात्कार कराने के नाम पर एजेंट द्वारा कुछ दूर गाड़ी से तथा कई समुद्री यात्रा मोटर बोट से कराकर म्यांमार में एक अज्ञात जगह पहुंचा दिया गया. इसकी जानकारी उनके बेटे और भतीजे ने व्हाट्सएप से आडियो, वीडियो और फोटो भेज कर दी. पीड़ित दोनों चचेरे भाइयों ने परिजनों को भेजे गए वीडियो के माध्यम से बताया कि चीनियों द्वारा म्यांमार में एक बड़ी चारदीवारी वाले मकान में उन्हें बंधक बनाकर रखा गया है.
कितने पैसों में एजेंट ने बेचा:
युवकों ने बताया कि वहां रहने वाले लोगों से साइबर ठगी कराने का काम कराया जा रहा है. दोनों युवकों ने अपने परिजनों को बताया है कि यहां पूर्व से कई भारतीय, नेपाली के अलावा पाकिस्तान सहित अन्य देश के युवक और युवतियों को भी बंधक बनाकर साइबर ठगी का काम कराया जा रहा है. वहीं जब दोनों युवकों ने वापस भेजने की जिद की तो उन्हें बताया गया कि एजेंट ने उन्हें यूएस में सात हजार डालर में बेच दिया है.
एजेंट के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज:
रोशन अली ने इलाहबाद के एजेंट से संपर्क किया तो प्रति युवक 1,20,000 रुपये की मांग की गई. 13 दिसंबर को एजेंट को उन्होंने 1,20,000 रुपये आनलाइन भेज भी दिया. इसके बावजूद उनके बेटे को और भतीजे को नहीं छोड़ा गय. वहीं इस घटना के बाद फतेपुर गांव निवासी रोशन अली के बयान पर मीरगंज थाने की पुलिस ने एजेंट नीरज कुमार यादव के खिलाफ प्राथमिकी करने के साथ ही कार्रवाई करने में जुट गई है.
अच्छी नौकरी की तलाश में थे युवक:
बता दें कि वाहिद रौशन पूर्व में दिल्ली में रहकर मेकेनिकल ऑटो कट (कंप्यूटर पर पार्ट का डिजाइनिंग का काम) करता था. इसी बीच उसके मामा खालीद अहमद के द्वारा एजेंट नीरज यादव से सम्पर्क कर अपने भांजे को अच्छी नौकरी के लिए विदेश में भेजने की बात कही थी. जिसके बाद नीरज, वाहिद के संपर्क में आया और उसने उसे दिल्ली से थाईलैंड भेज दिया.
पिता और भाई विदेश में करते हैं मजदूरी:
उधर युवकों को थाईलैंड के बाद म्यांमार भेजा गया. जहां उससे साइबर क्राइम कराया जा रहा है. वहीं उसने जब विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की गई. वाहिद रौशन तीन भाईयों में और एक बहन में बड़ा है. मां रौशन बेटे के वियोग में बीमार पड़ गई है जिन्हें दिल्ली के अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पिता वर्तमान में पिकअप चालक हैं, जबकि इजहार हुसैन के बेटा साउद तीन भाई और दो बहनों में बड़ा है. पिता और भाई विदेश में मजदूरी करते हैं. फिलहाल उसके बारे में सिर्फ भाई और पिता को ही जानकारी है, जबकि उसकी मां अभी भी इस मामले से अनभिज्ञ हैं.
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