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उदासीनता: नवादा में बीस सूत्री कमेटी की योजनाओं की सूची अटकी

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Byadmin

May 26, 2025

 

 

नवादा, मेसकौर: नवादा जिले के मेसकौर प्रखंड मुख्यालय में लगभग दस दिन पहले, 15 अप्रैल को आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में बीस सूत्री अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों ने प्रखंड स्तरीय अधिकारियों को अपने-अपने विभागों में चल रही पूर्ण और अपूर्ण योजनाओं की सूची तीन दिनों के भीतर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। इस बैठक में प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ), अंचलाधिकारी (सीओ), बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ), मनरेगा, शिक्षा विभाग, पीएचईडी विभाग सहित दर्जनों अधिकारी मौजूद थे। हालाँकि, दस दिन बीत जाने के बाद भी किसी भी विभाग ने कोई सूची उपलब्ध नहीं कराई है, जिससे अधिकारियों की कार्य के प्रति उदासीनता साफ झलकती है।

 

*अधिकारियों की टालमटोल और कमेटी का अल्टीमेटम*

 

बीस सूत्री कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार गुप्ता और उपाध्यक्ष उपेंद्र चौहान ने सोमवार को बीडीओ से मुलाकात कर इस मामले पर अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को सूची उपलब्ध कराने के लिए दो दिन का अतिरिक्त समय दिया है, जिसकी अंतिम तिथि बुधवार है। अध्यक्ष अजय कुमार गुप्ता ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि बुधवार तक किसी भी विभाग से मांगी गई जानकारी उपलब्ध नहीं होती है, तो उनके विरुद्ध जिलाधिकारी से मिलकर लिखित शिकायत की जाएगी। इस संबंध में बीडीओ पंकज कुमार ने भी अधिकारियों को दो दिनों के भीतर सूचना उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है, अन्यथा संबंधित विभाग के वरीय अधिकारी को कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा।

 

 

*क्या है बीस सूत्री कमेटी का उद्देश्य?*

 

 

बिहार सरकार ने बीस सूत्री कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की घोषणा तो कर दी है, लेकिन इसके अधिकार और कर्तव्यों से संबंधित कोई स्पष्ट अधिसूचना जारी नहीं की है। इसके बावजूद, बीस सूत्री कमेटी का मुख्य उद्देश्य पिछड़े और निर्धन व्यक्तियों के जीवन स्तर में सुधार लाना है। यह कमेटी केंद्र और राज्य सरकार के साथ-साथ जिला और प्रखंड स्तर पर समन्वय स्थापित करने, योजनाओं की निगरानी एवं अनुश्रवण करने और विकासोन्मुख कार्यों के लिए जन समुदाय को प्रेरित करने का काम करती है।

 

इस कमेटी के तहत गरीबी उन्मूलन, जनशक्ति विकास, किसान मित्र योजना, श्रमिक कल्याण, खाद्य सुरक्षा, सबके लिए आवास, शुद्ध पेयजल, जन-जन का स्वास्थ्य, सबके लिए शिक्षा, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक और अति पिछड़ा वर्ग कल्याण, महिला कल्याण, बाल कल्याण, युवा विकास, ग्रामीण सुधार, पर्यावरण संरक्षण व वन विकास, सामाजिक सुरक्षा और ग्रामीण सड़क सहित कई महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। इन सभी कार्यों को जन-जन तक पहुँचाना ही कमेटी का मुख्य लक्ष्य है।

 

अधिकारियों की उदासीनता से इन महत्वपूर्ण उद्देश्यों की पूर्ति में बाधा आ रही है।यह स्थिति दर्शाती है कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में स्थानीय अधिकारियों की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है और उनकी जवाबदेही तय करना कितना आवश्यक है। बीस सूत्री कमेटी के इस कदम से उम्मीद है कि अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों के प्रति अधिक गंभीर होंगे और जनहित में योजनाओं को गति मिलेगी।


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