शुभ सोमवार शुभ प्रभात्
विजय श्री हिंदू पंचांग-10.01.2022 जानकारी विशेष -यदि किसी बालक का जन्म गंड मूल(रेवती, अश्विनी, अश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा और मूल) नक्षत्रों में होता है तो नक्षत्र शांति को आवश्यक माना गया…
भानु सप्तमी और गुरू श्री गोविन्द सिंह जयन्ती की हार्दिक शुभकामनाएं
आज की तिथि पौष सुदी सप्तमी 11:11 तक पश्चात् अष्टमी शुरु सुप्रभात ।। ऊँ शुभ रविवार ।। ‼️ घृणि सूर्याय नमः ‼️ सूर्य बीज मंत्र ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः…
शुभ रविवार✴️✴️शुभ प्रभात्
?️विजय श्री हिंदू पंचांग-09.01.2022?️ जानकारी विशेष -यदि किसी बालक का जन्म गंड मूल(रेवती, अश्विनी, अश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा और मूल) नक्षत्रों में होता है तो नक्षत्र शांति को आवश्यक माना गया…
शुभ शनिवार शुभ प्रभात्
विजय श्री हिंदू पंचांग-08.01.2022 जानकारी विशेष -यदि किसी बालक का जन्म गंड मूल(रेवती, अश्विनी, अश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा और मूल) नक्षत्रों में होता है तो नक्षत्र शांति को आवश्यक माना गया…
श्री नीलांजन समाभासं, रवि पुत्रं यमाग्रजम। छाया मार्तण्ड सम्भूतं, तं नमामि शनैश्चरम ।।
आज की तिथि पौष सुदी षष्ठी 10:45 तक पश्चात् सप्तमी शुरु ? ॥ऽ॥सुप्रभात वंदनम् ॥ऽ॥ ? ? ।। ऊँ शुभ शनिवार ।। ? “┈┉┅━❀꧁꧂❀━┅┉┈” ⚜️? ॐ श्री शनैश्वराय नमः ?⚜️…
स्कन्द षष्ठी की हार्दिक शुभकामनाएं।
आज की तिथि पौष सुदी पंचमी 11:12 तक पश्चात् षष्ठी शुरु ॥ऽ॥सुप्रभात वंदनम् ॥ऽ॥ ॐ श्रीं श्रीये नम: ।। ऊँ शुभ शुक्रवार ।। शुक्र बीज मंत्र ॐ द्रां द्रीं द्रौं…
शुभ शुक्रवार शुभ प्रभात्
विजय श्री हिंदू पंचांग-07.01.2022 दिन नक्षत्र एवं चरणाक्षर संबंधी संपूर्ण विवरण जानकारी विशेष -यदि किसी बालक का जन्म गंड मूल(रेवती, अश्विनी, अश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा और मूल) नक्षत्रों में होता है…
शुभ गुरुवार शुभ प्रभात्
विजय श्री हिंदू पंचांग-06.01.2022 दिन नक्षत्र एवं चरणाक्षर संबंधी संपूर्ण विवरण जानकारी विशेष -यदि किसी बालक का जन्म गंड मूल(रेवती, अश्विनी, अश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा और मूल) नक्षत्रों में होता है…
जय श्री महाकाल
?कर्पूर गौरमं कारुणावतारं, संसार सारम भुजगेंद्र हारम ! सदा वसंत हृदयारविंदे, भवम भवानी साहितम् नमामी!!? ?ॐनमःशिवाय? ,-“””-, | == | | ॐ | (”'””””””””””)=== ?ॐ नमः शिवाय…? ?हर हर महादेव?…
शुभ बुधवार शुभ प्रभात्
?️विजय श्री हिंदू पंचांग-05.01.2022?️ जानकारी विशेष -यदि किसी बालक का जन्म गंड मूल(रेवती, अश्विनी, अश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा और मूल) नक्षत्रों में होता है तो नक्षत्र शांति को आवश्यक माना गया…
