
पटना: बिहार कैबिनेट ने हाल ही में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी है, जिससे राज्य के युवाओं, शिक्षकों और विभिन्न सरकारी विभागों को सीधा लाभ मिलेगा। इन फैसलों में सबसे प्रमुख खेल विश्वविद्यालय में शिक्षकों और कर्मचारियों की नियुक्ति और राज्य में 1.19 लाख शिक्षकों की बहाली के लिए बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को अधिकृत करना शामिल है।

कैबिनेट ने बिहार खेल विश्वविद्यालय, राजगीर के लिए 93 शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक पदों के सृजन और उनकी नियुक्ति के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। यह विश्वविद्यालय राज्य में खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार ने पंचायत प्रतिनिधियों का मानदेय बढ़ाने का फैसला किया है। ग्राम पंचायत के मुखिया, उप मुखिया, ग्राम कचहरी के सरपंच, उप सरपंच, पंच और वार्ड सदस्यों के मासिक मानदेय में बढ़ोतरी की गई है। यह कदम स्थानीय स्वशासन को मजबूत करने और प्रतिनिधियों के मनोबल को बढ़ाने में सहायक होगा।
कैबिनेट ने राज्य के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्ति में अनियमितताओं की जांच के लिए उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक आयोग के गठन को भी मंजूरी दी है। यह पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इसके अलावा, बिहार न्यायिक सेवा (भर्ती तथा सेवा शर्त) नियमावली, 2023 को स्वीकृति मिली है, जिससे न्यायिक सेवाओं में भर्ती प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया जा सकेगा। बिहार माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2023 को भी मंजूरी दी गई है, जो राज्य में जीएसटी कानूनों को अद्यतन करेगा।
ये फैसले बिहार के विकास को गति देने और विभिन्न क्षेत्रों में सुधार लाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
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