
सरायकेला के कुकड़ू प्रखंड के सिरुम गांव, सरदार टोला में बिजली विभाग की घोर लापरवाही का मामला सामने आया है। सालों से एक इलेक्ट्रिक पोल झुका हुआ था, जिससे 11 हजार वोल्ट का बिजली का तार नीचे झूल रहा था और उसमें करंट का प्रवाह लगातार जारी था। ग्रामीणों ने कई बार बिजली विभाग को इस खतरे से आगाह किया था और बड़ी दुर्घटना की आशंका भी जताई थी, लेकिन चांडिल विद्युतीकरण विभाग ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।

इसी लापरवाही का नतीजा रहा कि रूपरू गांव की रूपन देवी अपनी बैल चराने खेत में आई थीं। चरते-चरते बैल अचानक नीचे लटके बिजली के तार के संपर्क में आ गया और मौके पर ही तड़पकर उसकी मौत हो गई। इस घटना से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उन्होंने बताया कि उन्होंने कई बार संबंधित लाइनमैन और विभाग को झुके हुए खंभे की सूचना दी थी और बरसात में खेतों में बिजली दौड़ने और किसानों, मजदूरों व राहगीरों को होने वाली कठिनाइयों से भी अवगत कराया था। ग्रामीणों ने सुरक्षा को देखते हुए हाई वोल्टेज तारों को सीधे खंभों पर सप्लाई करने की मांग की थी।

इस दुखद घटना की सूचना मिलने पर जिला परिषद उपाध्यक्ष मधुश्री महतो ने तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने विद्युत विभाग के कनीय अभियंता और प्रखंड पशुपालन अधिकारी को तत्काल मौके पर जाकर बैल की मौत की जांच करने और नियमानुसार लाभुक मुआवजा राशि के लिए आगे की कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
इसके अलावा, दारुदा, बडालापांग, पंडरा टोला और मानकिडीह गांवों में पिछले पांच दिनों से बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित है, जिससे आवश्यक कार्य रुके हुए हैं। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत भी चांडिल विद्युत कार्यालय में की थी। जिप उपाध्यक्ष ने इस बिजली कटौती के संबंध में भी जांच के आदेश दिए हैं।
There is no ads to display, Please add some


Post Disclaimer
स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com
