
आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र पर इन दिनों गंभीर गैस संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
वैश्विक परिस्थितियों और ईरान युद्ध के कारण कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित होने से क्षेत्र की लगभग 1500 लघु एवं मध्यम उद्योग (MSME) इकाइयों के सामने सोमवार से उत्पादन ठप करने की नौबत आ सकती है।
यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो करीब दो लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष मजदूरों के रोजगार पर संकट खड़ा हो सकता है। इस गंभीर स्थिति को लेकर शनिवार को झारखण्ड इंडस्ट्रियल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (जियाडा) के सभागार में उद्यमी संगठनों और अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जियाडा के क्षेत्रीय उपनिदेशक दिनेश रंजन, इंडियन आयल कारपोरेशन के सेल्स ऑफिसर सन्नी भारती, एशिया के अध्यक्ष इंदर अग्रवाल, लघु उद्योग भारती के विनोद शर्मा और सिया के अध्यक्ष संतोष सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
बैठक में उद्यमियों ने बताया कि औद्योगिक इकाइयों में गैस का स्टॉक लगभग समाप्त होने की स्थिति में है। खासकर टाटा मोटर्स की वेंडर कंपनियों समेत सैकड़ों प्लांट गैस की कमी के कारण बंद होने की कगार पर हैं। एशिया के अध्यक्ष इंदर अग्रवाल ने इस गंभीर मुद्दे पर संजय सेठ , केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री से तत्काल हस्तक्षेप कर आपूर्ति बहाल कराने की मांग की है।वहीं इंडियन ऑयल के अधिकारी सन्नी भारती ने बताया कि रांची में इस विषय को लेकर उच्च स्तरीय बैठक चल रही है और जल्द ही कमर्शियल गैस आपूर्ति को लेकर निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल प्राथमिकता अस्पतालों और आवश्यक संस्थानों को गैस उपलब्ध कराने पर दी जा रही है। जानकारी के अनुसार जमशेदपुर औद्योगिक क्षेत्र में प्रतिदिन करीब 35 टन कमर्शियल गैस की खपत होती है। आपूर्ति बाधित रहने से पूरे औद्योगिक क्षेत्र की उत्पादन गतिविधियां प्रभावित होने की आशंका है और उद्योगों का पहिया थमने की स्थिति बनती जा रही है।
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