
बिहार/राजेश कुमार

सीतामढ़ी, बंधुआ मजदूरी प्रणाली (उन्मूलन) अधिनियम, 1976 की स्वर्ण जयंती के अवसर पर श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग तथा जिला प्रशासन, सीतामढ़ी के संयुक्त तत्वावधान में जिले में बंधुआ मजदूरी एवं बाल श्रम उन्मूलन को लेकर व्यापक जन-जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया गया।

इस अवसर पर अपर समाहर्ता संजीव कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी (सदर) सीतामढ़ी आनंद कुमार एवं श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, डुमरा चंद्रनाथ राम द्वारा समाहरणालय परिसर से जन-जागरूकता रथ को संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
अनुमंडल पदाधिकारी (सदर) आनंद कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जन-जागरूकता को सशक्त करना, पीड़ित बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना तथा उनका प्रभावी पुनर्वास सुनिश्चित करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाल श्रमिक रखने वाले नियोजकों की पहचान की जा रही है और पकड़े जाने पर उनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी चंद्रनाथ राम ने बताया कि बंधुआ एवं बाल श्रम के उन्मूलन हेतु विभाग निरंतर सक्रिय है।
यदि किसी दुकान, होटल, गैरेज अथवा अन्य किसी प्रतिष्ठान में बाल श्रमिक कार्यरत दिखाई दें, तो विभाग द्वारा जारी व्हाट्सएप नंबर 94712 29133 पर संबंधित फोटो, लोकेशन एवं पता भेजने की अपील की गई है। प्राप्त सूचनाओं को पूर्णतः गोपनीय रखते हुए संबंधित नियोजकों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई, बच्चों का रेस्क्यू एवं प्रभावी पुनर्वास सुनिश्चित किया जाएगा।
जन-जागरूकता रथ जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण करते हुए जिंगल प्रसारण, पोस्टर चस्पा एवं पंपलेट वितरण के माध्यम से आमजन को बंधुआ एवं बाल श्रम के दुष्परिणामों तथा इससे जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी देगा।
यह कार्यक्रम अदिथि संस्था एवं नई पहचान संगठन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। मौके पर यूनिसेफ ‘उड़ान’ परियोजना व प्रथम संस्था के जिला समन्वयक सुधीर कुमार, अदिथि संस्था की पायल, बिपेंद्र ठाकुर, गौतम, शशिकांत सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
There is no ads to display, Please add some


Post Disclaimer
स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com
