
सरायकेला-खरसावां: जिले में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के प्रभावी संचालन को लेकर आज समाहरणालय स्थित सामान्य सभागार में उपायुक्त श्री नितीश कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला समन्वय समिति सह जिला टास्क फोर्स की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में जिले में फाइलेरिया की मौजूदा स्थिति, आगामी अभियान की विस्तृत कार्ययोजना, संभावित चुनौतियों और जन-जागरूकता से जुड़ी रणनीतियों पर गहन चर्चा की गई।

फाइलेरिया उन्मूलन एक सामूहिक उत्तरदायित्व: उपायुक्त

बैठक के दौरान जिला वीबीडी सलाहकार श्रीमती तनुस्मिता नायक ने एक प्रस्तुतीकरण (पीपीटी) के माध्यम से जिले में फाइलेरिया की स्थिति और अब तक किए गए प्रयासों की जानकारी दी। उपायुक्त श्री सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि फाइलेरिया उन्मूलन एक सामूहिक उत्तरदायित्व है, जिसके लिए सभी विभागों के बीच परस्पर समन्वय, एक सुनियोजित रणनीति और जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अभियान से पहले सभी दवा प्रशासकों को समुचित प्रशिक्षण प्रदान किया जाए और सभी आवश्यक संसाधनों की समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जिन क्षेत्रों में लोग दवा सेवन से इनकार करते हैं (रिफ्यूजल क्षेत्र), वहां विशेष जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए। इसके लिए जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संस्थाओं और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से लोगों को अभियान के प्रति जागरूक किया जाए और दवा प्रशासकों की निगरानी में शत-प्रतिशत दवा सेवन सुनिश्चित कराया जाए।
10 अगस्त से 25 अगस्त तक चलेगा अभियान, 11 लाख से अधिक लोगों को मिलेगी दवा
डीआरसीएचओ सह डीवीबीडीओ डॉ. भागन हेम्ब्रम ने बैठक में बताया कि जिले में 3504 प्रशिक्षित दवा प्रशासकों के माध्यम से लगभग 11,81,856 लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा दी जाएगी। इस वृहद अभियान के लिए 1752 बूथों की स्थापना की गई है, और साथ ही घर-घर जाकर दवा वितरण की भी व्यवस्था की गई है। यह सर्वजन दवा सेवन अभियान (Mass Drug Administration Campaign – MDA) आगामी 10 अगस्त से 25 अगस्त, 2025 तक जिलेभर में संचालित किया जाएगा।
डॉ. हेम्ब्रम ने बताया कि अभियान के तहत 10 अगस्त को सभी बूथों पर दवा खिलाई जाएगी, जबकि 11 से 25 अगस्त तक दवा प्रशासकों द्वारा घर-घर जाकर पात्र व्यक्तियों को दवा दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, जिले के 69 उच्च जोखिम वाले गांवों के लिए एक विशेष कार्य योजना तैयार की गई है, जहां 100 प्रतिशत लक्षित आबादी को दवा सेवन कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
जागरूकता रथ को हरी झंडी, व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर
उपायुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को अभियान की सतत निगरानी सुनिश्चित करने, मीडिया, गैर-सरकारी संगठनों और अन्य सहयोगी संस्थाओं के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा जनमानस को फाइलेरिया की रोकथाम के प्रति जागरूक करने हेतु ठोस पहल करने का निर्देश दिया। उन्होंने अभियान से जुड़े सभी कर्मियों से समर्पण, संवेदनशीलता और उत्तरदायित्व के साथ कार्य करने की अपील की।
बैठक के समापन के बाद, उपायुक्त श्री नितीश कुमार सिंह और सिविल सर्जन डॉ. सी.पी. सिंह ने संयुक्त रूप से एमडीए-आईडीए, अगस्त 2025 जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह जागरूकता रथ आगामी दिनों में जिले के सभी प्रखंडों में तीन-तीन दिन भ्रमण कर लोगों को फाइलेरिया के लक्षण, बचाव के उपाय और अभियान के दौरान खिलाई जाने वाली दवाओं की महत्ता के प्रति जागरूक करेगा।
बैठक में निदेशक, डीआरडीए डॉ. अजय तिर्की, सिविल सर्जन डॉ. सी.पी. सिंह, संबंधित विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी एवं स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अन्य अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
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