
झरिया: भारत के राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने के अवसर पर झरिया स्थित सामाजिक संगठन, इंस्टीट्यूशन फॉर नेशनल एमिटी (INA) ने एक चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह पहल आई एन ए के संस्थापक और सामाजिक कार्यकर्ता पिनाकी रॉय द्वारा बच्चों को देश के विकास और राष्ट्रीय एकता की ओर प्रोत्साहित करने के लिए और भारत सरकार द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए की गई है।

इसमें कुछ बच्चों ने ब्रश और जल रंगों से अपने विचार और सोच प्रस्तुत किए और आकर्षक चित्र बनाएं।

चित्रकला बनाने के लिए दो विषय दिए गए थे, पहला ‘समृद्धि का मंत्र : आत्मनिर्भर भारत’ ( जो भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा दिया गया था)।
दूसरा विषय ‘हर भारतीय को आत्मनिर्भर बनाओ’। आई एन ए द्वारा दिया गया था
बच्चों ने अपनी चित्रकला में भारत के कई इंफ्रास्ट्रक्चरल विकास दिखाए जैसे कृषि, दूरसंचार, हरित ऊर्जा, महा आकाश यान आदि का विकास । कई छात्रों ने शेर के साथ मेक इन इंडिया का प्रतीक बनाया।
सुमित कुमार ने विकास के केंद्र में नरेंद्र मोदी की तस्वीर बनाई, जबकि प्रेम कुमार ने विरोध के प्रतीक के रूप में एक मजबूत उठते हुए हाथ के साथ समान अधिकारों के बारे में एक तस्वीर बनाई।
चित्रकला प्रतियोगिता रोचक रहा , भारतीय उच्चांग संगीत के धुन सुनते हुए एक से बढ़ कर एक चित्र बनाएं।
अनेक बच्चें उत्सुकता चित्रकला बनाना देख रहें थे, धनबाद के सुप्रिति सान्याल, आनंद कुमार, सुमित कुमार, साल्वी राज तथा केंदुआ से राजवीर कुमार, प्रेम कुमार, दुर्गा कुमारी, राधिका कुमारी, दुर्गी कुमारी, नंदिनी कुमारी की पेंटिंग संस्था इंस्टीट्यूशन फॉर नेशनल एमिटी द्वारा आयोजित पहला जनवरी 2026 के राष्ट्र के नाम शपथ कार्यक्रम में प्रदर्शित की जाएंगी।
तथा भारत सरकार के सांस्कृतिक मंत्रालय में भी जमा किया जाएगा।
पेंटिंग कार्यशाला का पर्यवेक्षण पिनाकी रॉय और कला शिक्षक संजय पंडित ने किया। मौसमी रॉय, सुमन कुमारी, मालंचा (मिंचू) कर भी उपस्थित थीं।
आई एन ए के संस्थापक पिनाकी रॉय ने कहा, ” न केवल आत्मनिर्भर भारत बल्कि हमें इस बात पर भी ध्यान देना चाहिए कि हर एक गरीब भारतीय कैसे आत्मनिर्भर बन सकता है।”
राष्ट्र गीत वंदे मातरम् और राष्ट्रीय संगीत जन गण मन गा कर कार्यक्रम के समाप्ति हुई।
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