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ब्रिटिश हुकूमत के विरुद्ध बगावत करने वाले शहीद रामफल मंडल की शहादत दिवस पर सरकारी अवकाश घोषित हो: डॉ गौतम

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Byadmin

Aug 24, 2024

इसके लिए सांसद रामप्रीत मंडल द्वारा बिहार सरकार को पत्र लिखने पर धानुक एकता महासंघ ने आभार जताया

 

पटना: अखिल भारतीय धानुक एकता महासंघ के बिहार प्रदेश महामंत्री डॉ गौतम ने एक विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि बिहार बंगाल विभाजन के पश्चात अखण्ड बिहार के प्रथम अमर बलिदानी शहीद रामफल मंडल को शहीद का दर्जा नहीं मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है । शहीद रामफल मंडल ने बाजपट्टी में 1942 में अंग्रेजों के विरुद्ध भारत छोड़ो आन्दोलन में अग्रणी भूमिका निभाया था।आन्दोलन के दौरान अंग्रेजों द्वारा सीतामढ़ी गोलीकांड हुई थी। जिसमे बच्चे, बूढ़े और औरत मारे गए थे। विरोध स्वरुप वीर सपूत रामफल मंडल ने गोलीकांड के जवाबदेह अंग्रेजी हुक्मरानों के तत्कालीन एसडीओ. एवं अन्य दो सिपाही को गड़ासा से काट कर हत्या कर दी थी।
इस घटना के बाद रविवार, 23 अगस्त 1943 की सुबह रामफल मंडल को भागलपुर सेन्ट्रल जेल में 19 वर्ष के उम्र में फांसी दे दी गयी थी।

लेकिन इस बीर के शहादत को ना तो इतिहास में सही जगह मिला और ना उन्हें शहीद की दर्जा दी गयी।सरकार की उपेक्षा और भेद भाव पर दुख व्यक्त करते हुए डॉ गौतम ने कहा कि अभी अखिल भारतीय धानुक एकता महासंघ और अन्य धानुक समाज के जातीय संघठनों ने पिछले कुछ दिनों से रामफल मंडल की शहादत दिवस मनाकर उस बीर सपूत को याद किया।और पूरे प्रदेश में 81 वां शहादत दिवस धूमधाम से मनाया गया।

डॉ गौतम ने कहा कि आधुनिक समाज में शहीदों को लोग भुलते जा रहे हैं। आज के युवा अंग्रेजी और पाश्चात्य सभ्यता के दौर में आगे हैं और अपने पुरखों को सम्मान करने में पीछे हैं। शहादत दिवस व जयंती समारोह का उद्देश्य युवाओं को अपने पुरखों की शहादत और कृतियों को सम्मान करने के प्रति जागृत करना है।

प्रदेश महामंत्री डा गौतम ने कहा बिहार बंगाल विभाजन पश्चात अगस्त क्रांति के नायक करो या मरो आंदोलन के प्रथम अमर बलिदानी शहीद रामफल मंडल की शहादत दिवस व जयंती समारोह पुरे भारत देश के पटल पर मनाने का अभूतपूर्व कार्य उनके संस्था के द्वारा वर्षो से की जाती रही है ।

गत वर्ष भी देश के विभिन्न राज्यों में धूमधाम से रामफल मंडल का शहादत दिवस मनाया गया ताकि युवा पीढ़ी को अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष और देश की आजादी की गाथा से अवगत कराया जा सके। हमारे देश मे क्रांतिकारियों को शहीदों का दर्जा नही मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है।

देश के लिए क्रांतिकारियों ने हंसते-हंसते फांसी के फंदे पर झूल गए कई ऐसे अमर बलिदानी आज भी गुमनाम हैं। लेकिन हमारे देश के शहीदों को दर्जा देने में सरकार उदासीन रहे।

अखिल भारतीय धानुक एकता महासंघ के महामंत्री ने कहा कि अमर शहीद रामफल मंडल की शहादत दिवस पर सरकार सरकारी अवकाश घोषित करे। उनकी शहादत दिवस सभी सरकारी और गैर सरकारी संस्थानों में मनाई जाए।

उन्होंने इस बात पर आभार व्यक्त किया है कि रामफल मंडल के शहादत दिवस पर अवकाश घोषित करने हेतु झंझारपुर से बिहार के सत्ताधारी दल जदयू से लोकसभा सांसद रामप्रीत मंडल ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखकर इसकी मांग की है।उसके लिए उन्होंने संस्था की ओर से आभार व्यक्त किया है। तथा सरकार से अपील किया है की कोई भी शहीद जिन्होंने आजादी की लड़ाई में अपनी कुर्बानी इस देश के लिए दिया है उसको सम्मान दिया जाय ताकि आने वाले पीढ़ी उन्हें सदा याद रखे।


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