
आदित्यपुर रेलवे के किनारे बसे कुछ लोगों को रेलवे ने जमीन खाली करने की नोटिस भेजा , जिसका विरोध करते हुए बस्ती वासियों ने एक बैठक हुई बस्ती वासियो का कहना है लगभग 55/60 बरसों से बसे बस्तियों के लोगों को रेलवे द्वारा 60 लोगों को नोटिस दिया है । रेलवे ने जबरन अतिक्रमन TATA कंपनी का निजी फायदा देने के लिये गरीब लोगों के घरों को तोड़ने का प्रयास कर रहे है। 1998 में सरकार दारा अतिक्रमन चलाया गया था लेकिन गुमठी बस्ती में अतिक्रमण नही हुआ क्योकि गुमठी बसती रेलवे की जमीन पर नही है उस वकत रेलवे दारा अपने जमीन को चिंहित किया गया था, गुमठी बस्ती पर अतिक्रमण नही हुआ क्योकि बसती बिहार सरकार की जमीन पर बसी है जो अब झारखंड सरकार की है जबकि गुमठी बसती में कई घर रजिस्टरी है ओर कुछ लोगो का खाता पलोट नंबर है, स्थानीय लोगों का कहना है वर्ष 1991 में रेलवे फाटक बंद हुआ तब स्थानीय लोग एंव बस्ती के लोगो के लिए उसके बाद सरकारी जमीन पर बाई पास रोड बनी, रोड की इस पार सरकारी जमीन है रेलवे के जमीन नही है ,
स्थानीय बस्ती वालों का कहना है इस पार रेलवे द्वारा अतिक्रमन बर्दाश्त नही किया जायेगा इसके लिये बस्तिवासि कोर्ट का सरन लेंगे, और रेलवे के वरिय पदाधिकारी को इंस संबंध में ज्ञापन सोपेगे जिसमें मुख्य रूप से बाबु तांती कोल्हान प्रभारी नेशनल ऐंटी करप्शन कमेटि आंफ इंडिया , साधु शर्मा, रमेश बालमुचु सुभाष महतो कृष्णा महतो प्रसाद महतो गुड्डू गुप्ता रत्न लाल गुप्ता राजेश गोप शंकर महतो राम जी जयसवाल आदि समस्त बस्ती वासी
There is no ads to display, Please add some


Post Disclaimer
स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com
