
सरायकेला खरसावां जिले के आदित्यपुर थाना अंतर्गत वार्ड 20 में स्थित राजकीयकृत कन्या मध्य विद्यालय का परिसर नशेड़ियों का अड्डा बन गया है. स्कूल में पढ़ने वाले छात्र- छात्राओं एवं शिक्षकों को कई सारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.

आदित्यपुर दिंदली बाजार स्थित राज्यकीयकृत कन्या मध्य विद्यालय में कुल 188 छात्र एवं छात्राएं पढ़ते हैं. जिसमें लड़के की संख्या 80 हैं, वहीं लड़कियों का संख्या 108 है. इस स्कूल में 1 से 8 तक की कक्षाएं चलती है.जिसमें बच्चे बड़ी आशा लेकर स्कूल में शिक्षा प्राप्त करने पहुंचते हैं. मगर इन सारी उम्मीदों को नशा के कारोबारी एवं अवैध स्क्रैप टाल माफिया पानी फेरते हुए नजर आ रहे हैं. स्कूल की छुट्टी होते ही नशेड़ियों का स्कूल परिसर में अड्डा जमने लगता है.

हद तब हो जाती हैं कि जिसमें कुछ नशेड़ी स्कूल चालू होते विधालय परिसर में घुस जाते हैं जिसमें शिक्षक और बच्चों को काफी ज्यादा परेशानियां उठानी पड़ती है.
स्कूल के मुख्य द्वार पर अवैध दारू भट्टी,अवैध स्टॉल एवं अवैध रूप से मकान बना लिया गया है. जिसमें बच्चों के आवाजाही में कई सारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापिका बिपाशा सेन गुप्ता ने बताया कि अक्सर गुजरते हुए छात्राओं के साथ बदतमीजी की जाती हैं. जहाँ नशेड़ियों एवं मनचले द्वारा गलत शब्दों का प्रयोग किया जाता है.
इस तरह के मामला ज्यादा बढ़ जाने से स्कूल की छात्राएं स्कूल छोड़ने पर विवश हो रहे हैं. प्रधानाध्यापिका द्वारा समझाकर स्कूल आने के लिए मनाया जाता है.
स्कूल में कुल चार शिक्षक है जिसमें बिपाशा सेनगुप्ता प्रधानाध्यापिका के प्रभार पर है. वही मधु रानी, कुमारी रश्मि, नीलकंठ पांडा सहायक शिक्षक के पद पर है.
उन्होंने स्कूल के चोरी की घटनाओं से अवगत कराते हुए बताया कि स्कूल के लगभग सभी खिड़कियों से लोहे की सरिया निकल गई है. वही शौचालय एवं कक्षाएं की भी लोहे के दरवाजे चोरी कर ली गई है. चोरी की घटनाओं से बचने के लिए स्कूल के शिक्षक सभी महंगे सामानों को एक रूम में बंद कर देते हैं वहीं अगले दिन की शुरुआत होते ही उन सभी सामान को बाहर निकाल कर फिर से कार्य में लगाते हैं. स्कूल के लगभग सभी कक्षाएं के पंख भी चोरी कर ली गई है.
प्रधानाध्यापिका ने बताया कि स्कूल के मुख्य द्वार पर आने के लिए लंबी चौड़ी सड़क थी. जिससे खाने के वाहन आया करती है. मगर कुछ नशेरियों एवं अड्डे बाज द्वारा मुख्य रास्ता को कब्जा किया जा रहा है.
जिसमें प्रधानाध्यापिका द्वारा कई बार अनुरोध भी किया गया. मगर अवैध रूप से बस रहे असामाजिक तत्व बाजार मास्टर का हवाला देते हुए अपना पलड़ा झाड़ लेते हैं. जिसमें उन्हें कहा जाता है कि बाजार मास्टर द्वारा ही स्वीकृति मिली है. बाजार मास्टर से ही अनुमति लेकर दुकान बनाई गई है. फिलहाल इस बातों में कितनी सच्चाई है बाजार मास्टर एवं वरीय पदाधिकारी ही बता पाएंगे.
अगर ससमय पर इसका निदान नहीं किया गया तो स्कूल को खंडर बनने से कोई रोक नहीं सकता हैं जिससे बच्चों के उज्जवल भविष्य पर काले बादल ही मंडराते रहेंगे.
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