
उत्तरकाशी, उत्तराखंड: 8 मई को उत्तराखंड के उत्तरकाशी में हुए दर्दनाक हेलीकॉप्टर हादसे की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सामने आ गई है, जिसमें पायलट सहित पांच यात्रियों की मौत हो गई थी। यह हादसा मोरी से टिकोची लौटते समय हुआ था और जांच में सामने आया है कि इस दुर्घटना का कारण मानवीय भूल और अचानक खराब हुए मौसम का घातक मेल था।
रिपोर्ट के अनुसार, दुर्घटना के समय मौसम अचानक बेहद खराब हो गया था, जिससे दृश्यता (विजिबिलिटी) लगभग न के बराबर रह गई थी। इसी दौरान, पायलट ने खराब मौसम में ही उड़ान जारी रखने का जोखिम भरा निर्णय लिया, जो अंततः विनाशकारी साबित हुआ। आशंका है कि खराब दृश्यता के कारण पायलट ने हेलीकॉप्टर का नियंत्रण खो दिया, जिससे वह दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

इस हादसे में पायलट कैप्टन अमित सिंह के साथ-साथ पांच अन्य यात्रियों की भी जान चली गई, जिनमें से अधिकांश मतदानकर्मी थे जो लोकसभा चुनाव ड्यूटी के बाद लौट रहे थे। यह घटना उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में उड़ान सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाती है, खासकर अप्रत्याशित और तेजी से बदलते मौसम की परिस्थितियों में।

जांच समिति ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कई सिफारिशें की हैं। इनमें पहाड़ी क्षेत्रों में उड़ान से पहले मौसम की सटीक जानकारी और उसके लगातार अपडेट प्राप्त करने की अनिवार्यता, खराब मौसम में उड़ान भरने से बचने के लिए सख्त प्रोटोकॉल का पालन, और पायलटों के लिए विशेष प्रशिक्षण शामिल हैं, ताकि वे मुश्किल परिस्थितियों में सही निर्णय ले सकें। यह रिपोर्ट हवाई सुरक्षा मानकों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और उम्मीद है कि इससे भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को टाला जा सकेगा।
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