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निरसा क्षेत्र में ‘लाखों टन’ का अवैध कोयला कारोबार; माफिया चला रहे कंपनियों की तरह खदानें और भट्ठे, जनप्रतिनिधियों की कथित संलिप्तता

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Byadmin

Nov 2, 2025

 

निरसा: निरसा विधानसभा क्षेत्र के पंचेत, कालूबथान, मैथन, निरसा, मुग्मा और चापापुर जैसे क्षेत्रों में अवैध कोयला कारोबार तेजी से फल-फूल रहा है। सूत्रों के अनुसार, यह अवैध कारोबार प्रतिदिन लाखों टन का है और इसका कोयला झारखंड से बाहर बिहार और उत्तर प्रदेश तक भेजा जा रहा है।

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सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस अवैध कारोबार में स्थानीय नेता और जनप्रतिनिधि भी कथित तौर पर शामिल हैं, जिसके कारण कोयला माफिया बेखौफ होकर कोयला कंपनियों की तर्ज पर ही खदानों और भट्टों का संचालन कर रहे हैं।

 

अवैध कारोबार के मुख्य केंद्र:

 

निरसा थाना क्षेत्र (चापापुर): इस क्षेत्र में कांटाबन, मुग्मा, देवियाना, हाथबाड़ी, पंडरा और सिरपुरिया रोड पर अवैध कारोबार किया जा रहा है, और अवैध कोयला यहाँ स्थित कारखानों एवं भट्टों में खुलेआम ले जाया जा रहा है।

 

कालूबथान ओपी क्षेत्र: बनारचुआ, लेदाहरिया और सोगेडीह भट्ठों में भी बड़े पैमाने पर अवैध कारोबार चल रहा है।

 

पंचेत ओपी क्षेत्र: पलसिया में लतीफ बाबू पुल के पास स्थित गुनगुन डिपो के साथ ही आधा दर्जन फैक्ट्रियां और भट्ठे भी इस कारोबार में शामिल हैं।

 

मैथन थाना क्षेत्र: राय के भट्ठे पर भी कोयले का कारोबार चल रहा है।

 

गोविंदपुर थाना क्षेत्र: बरवा के गफ्फार, कोचाकुली के अख्तर और ताज भट्ठा के लोग अवैध रूप से कोयला भंडारण और बिक्री में संलिप्त हैं। यहाँ से कोयला निरसा, गोविंदपुर, राजगंज, तोपचांची, डेहरी और उत्तर प्रदेश भेजा जा रहा है।

 

स्थानीय प्रशासन और पुलिस की निष्क्रियता के कारण यह अवैध कारोबार निर्बाध रूप से जारी है, जिससे सरकार को प्रतिदिन भारी राजस्व का नुकसान हो रहा है।


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