
बलियापुर, आज विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) ने बलियापुर के बाघमारा सहित कई पंचायतों में एक सघन जागरूकता अभियान चलाया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बाल श्रम को रोकना था, विशेष रूप से उन मामलों में जहाँ माता-पिता अपने बच्चों को काम करने के लिए मजबूर करते हैं, क्योंकि यह देश के भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ है।

इस मौके पर, जिला विधिक सेवा प्राधिकार धनबाद के अधिकार मित्र एजाज अहमद, दीपेंती गुप्ता और हेमराज चौहान ने बच्चों को बाल श्रम के खिलाफ लड़ने और उनके अधिकारों की रक्षा करने की शपथ दिलाई। बच्चों ने संकल्प लिया कि वे ऐसे किसी भी दुकान या संस्थान से सेवा नहीं लेंगे जो बाल श्रम को बढ़ावा देता है, और वे इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई में भी सहयोग करेंगे।

डालसा ने बाल श्रम को रोकने के लिए कई महत्वपूर्ण उपाय सुझाए, जिनमें गरीबी कम करना, शिक्षा को बढ़ावा देना, बाल श्रम कानूनों का पालन करना (तत्काल स्थानीय पुलिस, मुखिया, सामाजिक कार्यकर्ता, सीडब्ल्यूसी या टोल फ्री नंबर 1098 पर संपर्क करना), जन-जागरूकता फैलाना, और बच्चों के माता-पिता को जागरूक करना शामिल हैं। साथ ही, सरकार की विभिन्न पुनर्वास योजनाओं का लाभ उठाने पर भी जोर दिया गया।
यह बताया गया कि बाल श्रम करवाना एक आपराधिक जुर्म है, जिसके लिए ₹10,000 का जुर्माना और/या 1 वर्ष की सजा हो सकती है। डालसा ने आश्वासन दिया कि वे गांव-गांव और पंचायत-पंचायत जाकर लोगों को जागरूक करने का प्रयास करेंगे ताकि बाल श्रम को रोका जा सके और बच्चे अपने भविष्य को सुरक्षित कर सकें। अभिभावकों से भी अपने बच्चों पर कड़ी नजर रखने का आग्रह किया गया। बच्चों ने उत्साहपूर्वक शपथ ली कि वे अपने आस-पड़ोस में बाल श्रम को रोकने में मदद करेंगे। इस कार्यक्रम में अधिकार मित्र और कई ग्रामीण उपस्थित थे।
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