
रिपोर्ट सत्येन्द्र यादव
कुल्टी शहर के नदी तट पर स्थित श्रीमत संत मत सत्संग समिती 15 दिवसीय साधना शिविर का आयोजन किया गया। मगंलवार को संत मत सत्संग आश्रम बराकर शाखा के प्रमुख बाबा परेशानंद जी महाराज के अलावा बाबा बालचंद जी महाराज, बाबा हरिनंदन जी महाराज मनिहारपुर , बाबा गुलाब जी महाराज मधेपुरा ने साधना योग पर विचार रखे।

इस दौरान संत मत सत्संग आश्रम बराकर शाखा के अध्यक्ष महर्षि मेंही साही स्वामी के उपासक स्वामी परेशानंद महराज ने कहा कि साधना जो योग के रूप में मन के विकार को समाप्त कर देते हैं । शुद्ध विचार की एक नई उर्जा का संचालन करता हैं। चंचल मन को वश में किया जा सकता हैं और कई रोगों से छूटकरा मिलता हैं। उन्होंने कहां दुनिया में जितने भी बड़े बड़े मनीषी हुए हैं। वह साधना के कारण हीं उच्च स्थान को प्राप्त हुए हैं। साधना योग से ही छात्र अपनी मंजिल पाता हैं। अगर उसका मन विचलित होता हैं तो कभी मंजिल नहीं पा सकता हैं। व्यपारी का व्यापार भी साधना योग से ही फलता फूलता हैं। वैज्ञानिक साधना योग से ही अनुशासित होकर इच्छाओं की पूर्ति करते हैं और अविष्कार को जन्म देते हैं। दुनिया के सभी क्षेत्र को आप साधना योग से प्राप्त कर सकते और स्वास्थ्य शरीर का पालन कर सकते हैं। जिसकी आज सबसे अधिक अवश्यक्ता हैं।

इस अवसर पर स्थानीय कमेटी के प्रमोद भालोटिया, बहादुर वर्णवाल, शंकर रजनीवाल, बिनोद अग्रवाल, अर्जुन बर्णवाल, राजू लोयलका, अरविंद वर्णवाल समेत कई लोग उपस्थित थे।
There is no ads to display, Please add some







Post Disclaimer
स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com
