
दारू ( हजारीबाग): समस्त भारतवर्ष में हर वर्ष 14 नवंबर को बाल दिवस के रूप मे मनाया जाता है। इसी क्रम मे सीमा सुरक्षा बल मेरु कैंप स्थित अंकुर प्ले स्कूल में श्रीमती नीतू बन्याल, बावा अध्यक्षा सीमा सुरक्षा बल मेरु कैंप हजारीबाग के तत्वाधान में बाल दिवस से पूर्व सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं खेल-कूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सीमा सुरक्षा बल मेरु कैंप मे श्रीमती माधुरी राज, श्रीमती मौसमी प्रमाणिक, श्रीमती बबीता सिंह, अन्य वरिष्ठ बाबा सदस्याएं एवं प्रहरी संगनिया भी उपस्थित रही। इस अवसर पर बड़ी संख्या में टी0सी0एंड एस एवं एस0टी0सी मेरु कैंप में तैनात कार्मिकों की महिलाए, बच्चो और अंकुर प्ले स्कूल की शिक्षिकाएं सम्मिलित हुई।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ बच्चों के मध्य भाषण प्रतियोगिता, जलेबी रेस एवं दौड आदि प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। इस मौके पर बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। बच्चों की इन प्रतिभाओं को देख कर उपस्थित सभी लोगों ने काफी सराहना की। कार्यक्रम के समापन पर प्रतियोगिताओं में विजेता रहने वाले बच्चों को पुरस्कृत किया गया। भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्म वर्ष 1889 मे 14 नवंबर के दिन हुआ था और वह बच्चों से बेहद लगाव रखते थे, इसे ध्यान में रखते हुए चाचा नेहरू के जन्मदिन को भारतवर्ष में बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है, एवं विद्यालयों में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। जिसमें बच्चों के लिए कई प्रतियोगिताएं रखी जाती हैं जिनका मुख्य उद्देश्य बच्चों के अधिकारों उनकी देखभाल और शिक्षा को लेकर लोगों को जागरूक करना है।

श्रीमती नीतू बन्याल, बावा अध्यक्षा सीमा सुरक्षा बल, मेरू कैंप हजारीबाग ने अपने प्रेषित संदेश में कहा कि आज के यह बच्चे भावी भारत का निर्माण करेंगे हम जिस तरह से उनका पालन पोषण करेंगे, शिक्षा दीक्षा देंगे उसी पर देश का भविष्य निर्भर होगा। बाल दिवस मनाने का मूल कारण बच्चों की जरूरतों को स्वीकार करना, उनको पूरा करनाए उनके अधिकारों की रक्षा करना और उनके शोषण को रोकना है ताकि बच्चों का समुचित विकास हो सके। आज के बच्चे हमारे समाज की बुनियाद हैं। ये हमारे कल की उम्मीद है। बाल दिवस उत्सव बच्चों के भविष्य के विषय मे एक अच्छा कदम है। अंत में उन्होंने बाल दिवस पर आयोजित कार्यक्रमों के विजेता बच्चों को बधाई एवं उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी, साथ ही उन्होंने विद्यालय प्रबंधन का बाल दिवस के सफल आयोजन पर धन्यवाद दिया।

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