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2008 में हुई मालेगांव बम धमाका के सभी 7 आरोपी बरी

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Byadmin

Aug 1, 2025

 

मुंबई की एक विशेष अदालत ने 2008 के मालेगांव बम धमाकों के मामले में सभी सात आरोपियों को बरी कर दिया है। अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को साबित करने में विफल रहा। 16 साल तक चले इस मामले में, यह फैसला एक महत्वपूर्ण मोड़ है।

29 सितंबर 2008 को महाराष्ट्र के नासिक जिले के मालेगांव शहर में एक मस्जिद के पास दो बम धमाके हुए थे। इन धमाकों में 6 लोगों की मौत हो गई थी और 100 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। धमाकों के बाद जांच में पाया गया कि ये धमाके मोटरसाइकिल पर रखे गए बमों से किए गए थे।

मामले की जांच पहले महाराष्ट्र एटीएस (एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड) ने की थी, जिसके बाद इसे राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दिया गया था। इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित, और कई अन्य शामिल थे। इन सभी पर आतंकवादी गतिविधियों, हत्या और आपराधिक साजिश का आरोप लगाया गया था।
हालांकि, सबूतों की कमी और गवाहों के मुकर जाने के कारण, अदालत ने सभी आरोपियों को बरी करने का फैसला सुनाया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष के पास कोई ठोस सबूत नहीं था जो आरोपियों को दोषी साबित कर सके। इस फैसले के बाद, राजनीतिक और कानूनी गलियारों में एक नई बहस छिड़ गई है कि क्या इस मामले की जांच में कोई लापरवाही हुई थी।
यह फैसला उन सभी आरोपियों के लिए एक बड़ी राहत है जिन्होंने वर्षों तक मुकदमे का सामना किया।


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