
सरायकेला (ईचागढ़): ईचागढ़ प्रखंड के धुन्दाडीह गांव में रविवार रात एक भीषण अग्निकांड ने एक किसान परिवार की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। किसान तापस दत्ता के खलिहान में अचानक आग लगने से वहां रखा 5 लाख रुपये से अधिक का धान जलकर राख हो गया। इस घटना के बाद से पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
हादसे का विवरण

जानकारी के अनुसार, रविवार रात करीब 8 बजे खलिहान से आग की लपटें उठती देखी गईं। तापस दत्ता ने कुछ ही दिनों पहले अपनी मेहनत की फसल को खेत से काटकर खलिहान में सुरक्षित रखा था। आग इतनी तेजी से फैली कि जब तक दमकल की गाड़ी मौके पर पहुँचती, तब तक पूरी फसल जलकर स्वाहा हो चुकी थी।

ग्रामीणों ने की बचाने की कोशिश
आग लगने की खबर मिलते ही तापस के परिजनों और ग्रामीणों ने अपने स्तर पर पानी डालकर आग बुझाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन आग की भीषण लपटों के सामने उनकी कोशिशें नाकाम रहीं। देर रात जब दमकल विभाग की टीम पहुँची, तब आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक फसल पूरी तरह राख में तब्दील हो चुकी थी।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
तापस दत्ता के लिए यह केवल आर्थिक नुकसान नहीं है, बल्कि उनकी साल भर की जमा-पूंजी और परिवार के भरण-पोषण का आधार था। ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन और सरकार से पीड़ित किसान को उचित मुआवजा देने की मांग की है ताकि उसे इस संकट की घड़ी में संबल मिल सके
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