• Thu. Apr 2nd, 2026

मंदिरों, मस्जिदों और गुरुद्वारे में हाल में क्यूआर कोड से डिजिटल दान का प्रचलन तेजी से बढ़ा,

Subhasish Kumar's avatar

BySubhasish Kumar

Apr 23, 2022
crescent ad

जमशेदपुर शहर के मंदिरों, मस्जिदों और गुरुद्वारे में हाल में क्यूआर कोड से डिजिटल दान का प्रचलन तेजी से बढ़ा। पूजा-पाठ तो ऑनलाइन हो ही रहे थे, लेकिन अब भगवान को चढ़ाया जानेवाला दान भी क्यूआर कोड स्कैन कर भेजा जा रहा है।.

श्री मनोकामना मंदिर… खाते में पैसे आने से ऑडिट करना हुआ आसान

मंदिरों से दानपेटी की चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही थीं। इसे रोकने के लिए क्यूआर कोड से दान-पुण्य की सुविधा शुरू की गई। दान सीधे खाते में आने से पैसों का विवाद भी समाप्त हो गया। ऑडिट भी आसान हो गया।

जुगसलाई गुरुद्वारा… बैंक स्टेटमेंट से दान का हिसाब तुरंत मिलता है
क्यूआर कोड स्कैन करते गुरुद्वारा कमेटी के बैंक खाते में सीधे राशि आ जाती है। कितना दान आया, इसका हिसाब बैंक स्टेटमेंट से मिल जाता है। खाते में जल्द रुपए आने पर कमेटी को कार्य करने में सहूलियत मिलती है।
-हरदीप सिंह, गौरी शंकर रोड गुरुद्वारा जुगसलाई

धतकीडीह मदरसा… शिक्षकों को अब समय पर मिलने लगी है सैलरी

मस्जिद और मदरसा को समय के साथ बदलने की जरूरत है। क्यूआर कोड के जरिए राशि अब सीधे बैंक खाते में पहुंच जाती है। इससे इमाम, मुअज्जिन व मदरसा के शिक्षकों को समय पर सैलरी दी जा सकती है।


There is no ads to display, Please add some
Post Disclaimer

स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

चांडिल: चांडिल बांध के नौका विहार स्थल पर विस्थापित मुक्ति वाहिनी (विमुवा) की एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता श्यामल मार्डी ने की। बैठक में सुवर्णरेखा परियोजना द्वारा विस्थापितों के पुनर्वास अधिकारों की अनदेखी करने और पर्यटन का जिम्मा गैर-विस्थापित एजेंसियों को सौंपने का कड़ा विरोध किया गया। विमुवा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ‘स्वदेश दर्शन 2.0’ के नाम पर पर्यटन क्षेत्र को कॉरपोरेट और बाहरी व्यापारियों के हवाले करने की योजना बना रही है। इसके विरोध में 30 अप्रैल को जोयदा शहादत दिवस के अवसर पर पदयात्रा निकाली जाएगी। साथ ही, बिरसा मुंडा शहादत दिवस पर स्वर्णरेखा परियोजना कार्यालय के समक्ष विशाल धरना दिया जाएगा। विस्थापितों की प्रमुख मांगों में कृतज्ञता पैकेज, मॉडल आवासीय विद्यालय, चांडिल पॉलिटेक्निक में 50% आरक्षण और पालना जलाशय योजना को पूरा करना शामिल है। बैठक में नारायण गोप, देवेंद्र महतो और अरविंद अंजुम सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित थे। YouTube Thumbnail के लिए Bold Text विस्थापितों का हल्ला बोल! (सबसे बड़ा और लाल रंग में) चांडिल बांध: कॉरपोरेट राज का विरोध 30 अप्रैल: बड़ी पदयात्रा की तैयारी हक छीना तो होगा आंदोलन! Social Media Hashtags #ChandilDam #Seraikela #VisthapitMuktiVahini #JharkhandNews #RehabilitationRights #JusticeForDisplaced #ChandilNews #SwarnaRekhaProject #CorporateVsPeople #BirsaMunda #JharkhandPolitics #SaveChandilDam प्रमुख मांगे एवं आगामी कार्यक्रम (Checklist): 30 अप्रैल 2026: जोयदा शहादत दिवस पर पदयात्रा। बिरसा मुंडा शहादत दिवस: चांडिल स्वर्णरेखा कार्यालय पर धरना। प्रमुख मांग: चांडिल पॉलिटेक्निक में विस्थापितों के लिए 50% आरक्षण। विशेष: विस्थापित आंदोलन के 40 वर्ष पूरे होने पर वर्ष 2027 में भव्य आयोजन की रूपरेखा।