
पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित सभागार में सोमवार को उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा हेतु बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, सहायक समाहर्ता सुश्री ईरा जोरवाल, जिला पंचायती राज पदाधिकारी श्रीमती सविता टोपनो सहित सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में विकसित भारत जी राम जी योजना, विभिन्न आवास योजनाओं तथा पंचायती राज विभाग के अंतर्गत 15वें वित्त आयोग की राशि से संचालित योजनाओं की प्रखंडवार एवं बिंदुवार विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान योजनाओं की वर्तमान प्रगति, राशि के व्यय, मानव दिवस सृजन, आवास निर्माण की स्थिति, पंचायत सचिवालयों के सुदृढ़ीकरण तथा कार्यों के समयबद्ध निष्पादन से संबंधित विषयों पर चर्चा की गई।
*◆ योजनाओं की नियमित समीक्षा एवं क्षेत्रीय निरीक्षण अनिवार्य*

उपायुक्त मनीष कुमार ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने प्रखंड में संचालित योजनाओं की प्रतिदिन समीक्षा सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि योजनाओं की प्रगति की नियमित निगरानी से कार्यों में तेजी आएगी तथा निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने में सहायता मिलेगी। उपायुक्त ने सभी प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों, समन्वयकों एवं कार्यक्रम पदाधिकारियों को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में संचालित योजनाओं का नियमित निरीक्षण करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि निरीक्षण के दौरान कार्यस्थल की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाए तथा निरीक्षण के साक्ष्य के रूप में जियो-टैग युक्त तस्वीरें अनिवार्य रूप से ली जाएं। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और कार्यों की वास्तविक प्रगति का आकलन करने में मदद मिलेगी।

बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि अपने निर्धारित मुख्यालय में निवास नहीं करने वाले प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारियों, सहायक अभियंताओं एवं कनीय अभियंताओं से कारण पृच्छा की जाए। इसके अतिरिक्त 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत आवंटित राशि का 50 प्रतिशत से कम व्यय करने वाले प्रखंड समन्वयकों से भी स्पष्टीकरण प्राप्त करने का निर्देश दिया गया।
*◆ विकसित भारत जी राम जी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर*
विकसित भारत जी राम जी योजना की समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने प्रखंड स्तर पर योजनाओं के चयन एवं क्रियान्वयन में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने मानव दिवस सृजन के निर्धारित लक्ष्यों पर विशेष ध्यान देने तथा पूर्व से संचालित ऐसी योजनाओं, जिनका कार्य पूर्ण हो चुका है, उन्हें संबंधित पोर्टल पर नियमानुसार बंद करने की प्रक्रिया पूरी करने को कहा। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं के चयन से लेकर उनके क्रियान्वयन तक सभी आवश्यक प्रक्रियाओं का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा करते हुए कार्यों में आने वाली बाधाओं का त्वरित समाधान किया जाए।
*◆ धनतेरस तक 101 पंचायत भवनों का पुनः लोकार्पण करने की तैयारी*
पंचायती राज विभाग के अंतर्गत 15वें वित्त आयोग की राशि से संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने पंचायत सचिवालयों के सुदृढ़ीकरण एवं मरम्मती कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आगामी धनतेरस के अवसर पर जिले के 101 पंचायत भवनों का पुनः लोकार्पण किया जाना है। इसके मद्देनजर सभी संबंधित पदाधिकारी निर्धारित समयसीमा के भीतर आवश्यक कार्यों को पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। उपायुक्त ने पंचायत सचिवालयों की मरम्मती के दौरान छत से पानी के रिसाव की समस्या के समाधान तथा वर्षा जल संचयन के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पंचायत सचिवालय ग्रामीण स्तर पर प्रशासनिक एवं विकासात्मक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र है। इसलिए इन भवनों को उपयोगी, सुव्यवस्थित एवं बेहतर स्थिति में रखना आवश्यक है।
*◆ मुखिया के मानदेय का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश*
बैठक में पंचायत प्रतिनिधियों को मिलने वाले मानदेय भुगतान की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि आगामी 1 नवंबर तक सितंबर माह के मानदेय का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, दीपावली से पूर्व अक्टूबर माह के मानदेय का भुगतान भी नियमानुसार सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि पंचायत प्रतिनिधियों को समय पर उनका देय मानदेय प्राप्त हो सके। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को भुगतान से संबंधित प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने तथा इस कार्य में अनावश्यक विलंब नहीं होने देने का निर्देश दिया।
*◆ आवास योजनाओं में निर्माण कार्य पूर्ण कराने पर विशेष ध्यान*
आवास योजनाओं की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने लाभुकों को किश्तवार भुगतान के अनुरूप आवास निर्माण की प्रगति पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि केवल राशि का भुगतान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके अनुरूप आवास निर्माण कार्य भी निर्धारित समयसीमा में पूरा होना चाहिए। उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को लाभुकों से समन्वय स्थापित कर निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने तथा लंबित आवासों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराने का निर्देश दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान आवास योजना एवं डॉ. भीमराव अंबेडकर आवास योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन आवासों में भी तेजी लाने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि आवास निर्माण की प्रखंडवार समीक्षा नियमित रूप से की जाए तथा जिन आवासों का निर्माण विभिन्न चरणों में लंबित है, उन्हें पूर्ण कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
*◆ जवाबदेही के साथ कार्य निष्पादन का निर्देश*
बैठक के समापन पर उपायुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी गंभीरता एवं जवाबदेही के साथ करें। उन्होंने योजनाओं की नियमित निगरानी, क्षेत्रीय निरीक्षण, निर्धारित राशि के समुचित व्यय तथा निर्माण कार्यों की समयबद्ध पूर्णता पर विशेष जोर दिया। उपायुक्त ने कहा कि ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करना तथा आम नागरिकों को योजनाओं का वास्तविक लाभ उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी संबंधित पदाधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय, नियमित समीक्षा और प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है। बैठक में संबंधित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी प्रखंडों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्यों में तेजी लाने तथा दिए गए निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया।
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