
सरायकेला-खरसावां जिले के तिरुलडीह थाना क्षेत्र में सुवर्णरेखा नदी से कथित अवैध बालू खनन और ओवरलोड परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। नीमडीह अंचल अधिकारी अभय द्विवेदी के नेतृत्व में 25 अक्टूबर की सुबह आदरडीह स्थित SM Steel परिसर में और उसके आस-पास छापेमारी कर 6 बालू लदे हाइवा ट्रकों को जब्त किया गया है।
इस संबंध में अंचल अधिकारी कार्यालय, नीमडीह द्वारा जिला खनन पदाधिकारी को भेजे गए सरकारी पत्र पत्रांक 846, दिनांक 25.10.2024 में पूरे मामले का उल्लेख है।
*गश्ती के दौरान मिले 6 ओवरलोड हाइवा -*
पत्र के अनुसार गश्ती के दौरान SM Steel परिसर के पास बालू लदे वाहनों की जांच की गई। जांच में पाया गया कि सभी वाहनों में लगभग 700 CFT बालू लदा था। प्रशासन की टीम को देखते ही सभी 6 वाहनों के चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गए। इसके बाद नियमानुसार वाहनों को जब्त कर लिया गया।
*Security Guard के हवाले कर थाना को सौंपा -*
चालकों के फरार होने के बाद जब्त 6 हाइवा को SM Steel के Security Guard की अभिरक्षा में रखा गया और थाना प्रभारी, नीमडीह को सुपुर्द किया गया। थाना प्रभारी द्वारा Security Guard से प्राप्ति रसीद भी ली गई है। अब अग्रतर कार्रवाई के लिए मामला थाना को हस्तांतरित कर दिया गया है।
*CO बोले – 300 के कागज पर 700-800 का खेल, राजस्व चोरी नहीं चलेगी -*
इस कार्रवाई पर अंचल अधिकारी अभय द्विवेदी ने कहा, “यह ओवरलोडिंग का सबसे बड़ा नमूना है। एक हाइवा में 400 CFT से ज्यादा नहीं होना चाहिए, लेकिन यहां 300 CFT के चालान पर 700 से 800 CFT बालू ठूंस कर ले जाया जा रहा था। यह सीधे तौर पर सरकार के राजस्व की चोरी है। अवैध माइनिंग चाहे कहीं भी हो, बख्शा नहीं जाएगा।”
*जब्त वाहनों के नंबर -*
1. BR08G5632
2. CG12S6101
3. JH16A9226
4. JH02AE2434
5. JH01AX4189
6. JH02AK2631
*ग्रामीणों में आक्रोश, जांच की मांग -*
स्थानीय सूत्रों और ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र में दिन-रात बड़ी संख्या में डंपर-हाइवा से बालू ढुलाई होने से ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि तेज रफ्तार और ओवरलोड वाहनों से सड़कों पर हादसे का खतरा बढ़ गया है और रात में आवाजाही से नींद में खलल पड़ता है।
गौरतलब है कि एक दिन पहले ही कुकड़ू-चौकेगड़िया चौक के पास सड़क हादसे में छोटा लापांग के वार्ड सदस्य मनोरंजन महतो की मौत के बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम कर बालू ढुलाई पर रोक की मांग की थी।
फिलहाल अंचल कार्यालय ने पूरे मामले की सूचना जिला खनन पदाधिकारी को भेज दी है। अब खनन विभाग जांच करेगा कि बालू किस घाट से लाया गया, चालान वैध था या फर्जी और इस परिवहन में कौन-कौन शामिल हैं। आगे की कानूनी कार्रवाई खनन विभाग की रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।
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