
सरायकेला : जिले के तिरुलडीह थाना क्षेत्र में अवैध बालू खनन और ढुलाई धड़ल्ले से जारीहै। कुछ दिन पहले नए थाना प्रभारी ने कार्रवाई करते हुए बालू गाड़ियों के चालान और ओवरलोड की जांच की थी, लेकिन उसके बाद फिर से रात के अंधेरे में बालू की कालाबाजारी तेज हो गई है।
*रविवार रात हाइवा पलटा, बड़ा हादसा टला*

रविवार रात तिरुलडीह से बालू लोड कर एक हाइवा नीमडीह की ओर जा रही थी। झिमड़ी गांव के पास तेज रफ्तार के कारण हाइवा अनियंत्रित होकर पलट गई।

ग्रामीणों का कहना है कि गनीमत रही कि गाड़ी किसी घर में नहीं घुसी, वरना पूरे परिवार का राम नाम सत्य हो जाता।
*ग्रामीणों में दहशत, बोले – रात में चैन से सो भी नहीं पाते*
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया, “दिनभर मेहनत करने के बाद रात में परिवार के साथ चैन से सोना भी मुश्किल है। डर लगा रहता है कि कब बालू गाड़ी घर में घुस जाए। बालू माफिया दिन के उजाले में भी और रात के अंधेरे में भी बेधड़क गाड़ियां दौड़ा रहे हैं।”
ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जिला खनन विभाग, जिला उपायुक्त और प्रशासन इन पर कार्रवाई क्यों नहीं करता। ग्रामीण सड़कों पर रात में भारी वाहनों के दौड़ने से दैनिक मजदूर, बच्चे और बुजुर्गों की जान खतरे में है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध बालू ढुलाई की जांच कर रात में गाड़ियों के परिचालन पर रोक लगाई जाए, ताकि लोग रात में चैन से सो सकें। नहीं तो आंदोलन होगा।
अब देखना होगा कि पलटी मारी हाइवा पर पुलिस क्या कार्रवाई करती है।
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