
सरायकेला। विशुद्ध सनातनी वैदिक परंपरा के तहत सरायकेला के गेस्ट हाउस में श्री श्री सनातनी दुर्गा पूजा कमेटी के तत्वावधान आयोजित होने वाली मां दुर्गा के शारदीय नवरात्रि पूजन को लेकर तैयारी जोरों पर है। इसे लेकर पूजन उत्सव के सफल संचालन के लिए कमेटी का पुनर्गठन किया गया। जिसमें सर्वसम्मति से अजय मिश्रा को लगातार तीसरी बार अध्यक्ष और नवीन कुमार को उपाध्यक्ष चयनित किया गया। साथ ही संपूर्ण सहभागिता के साथ पूजा महोत्सव आयोजन का निर्णय लिया गया।
श्री श्री सनातनी दुर्गा पूजा कमेटी, गेस्ट हाउस, सरायकेला:-

अध्यक्ष- अजय मिश्रा।

उपाध्यक्ष- नवीन कुमार।
सचिव- संतोष कुमार।
सहसचिव- अमर नाथ तिवारी, मनोज कुमार प्रधान, अवध किशोर सिंह एवं जयप्रकाश नारायण पाठक।
कोषाध्यक्ष- प्रशांत कुमार घोषाल।
सह कोषाध्यक्ष- मिथिलेश पोद्दार एवं ललन कुमार पांडेय।
मुख्य पुजारी- आचार्य शांडिल्य पवन शास्त्री (अयोध्या).
संरक्षक- मनोज कुमार चौधरी, बिनोद बिहारी प्रसाद, सुरेश चंद्र प्रधान, शिव नारायण पोद्दार, दयानंद प्रसाद, पवन कुमार सिन्हा, प्रशांत कुमार भारती, रवि कुमार, कैलाश पोद्दार, प्रभात कुमार एवं नीलकंठ सारंगी।
बिजली व्यवस्था- दिलीप राय एवं केपी गुप्ता।
पंडाल व्यवस्था- देवराज महतो।
मनोनीत सदस्य- सत्येंद्र ठाकुर, सुशील महतो, नोगेन महतो, मंगल तियू, सोमेश दाश, प्रकाश महतो, शुभम डे, एनके प्रसाद, योगेश्वर महतो, राजू कालुंडिया, शिवलाल नायक, निरंजन हेंब्रम, सत्यनारायण साहू, लक्ष्मी नारायण महतो, युगल तापे, राजेश राय, सुदेश मिश्रा, लाल बाबू महतो, शंकर गोप, प्रभास कुमार साहू, सतीश कुमार महतो, लालटू महतो, प्रभात कुमार साहू, कैसल सिंह, राजेश मुंडा, किशन यादव, ओम प्रकाश, प्रमोद पासवान, राजेश शर्मा, मुकेश पांडे, छोटू महतो, कृष्णा महतो, अमूल्य महतो, त्रिलोचन महतो एवं शशि भूषण।
नवरात्रि पूजन:-
11 अक्टूबर- कलश यात्रा एवं कलश स्थापना।
16 अक्टूबर- महाषष्ठी पर बिल्व निमंत्रण।
17 अक्टूबर- माहा सप्तमी पर पालकी यात्रा।
18 अक्टूबर- महाष्टमी पर महा आरती।
19 अक्टूबर- महानवमी पर कन्या पूजन एवं बाल भोज के साथ पूजन, हवन एवं पूर्णाहुति।
20 अक्टूबर- विजयादशमी अपराजिता पूजन एवं नीलकंठ दर्शन।
होगा आकर्षण:-
इस वर्ष मां दुर्गा माटी के कलशों से सुसज्जित भव्य पंडाल में विराजेगी। जो भक्तों के लिए विशुद्धता के साथ आकर्षण का विशेष केंद्र होगा। इसके अलावा महासप्तमी पर सरायकेला की स्थानीय कलाकारों के साथ विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं सरायकेला छऊ नृत्य की प्रस्तुति होगी। जबकि महाष्टमी पर जमशेदपुर के सांस्कृतिक संध्या कल्चरल ग्रुप के साथ रात्रि जागरण किया जाएगा। इसी प्रकार महानवमी पर जमशेदपुर के आर्केस्ट्रा के माध्यम से भजन संध्या एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भक्तों के लिए आकर्षण के केंद्र होंगे।
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