
गम्हरिया। जगन्नाथपुर पंचायत के बलरामपुर स्थित विद्या भारती हाई स्कूल में विश्व आदिवासी दिवस धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम में आदिवासी संस्कृति, परंपरा, शिक्षा और सामाजिक विकास के महत्व पर चर्चा की गई।
मुख्य अतिथि कालीपद सोरेन (के.पी. सोरेन) एवं विशिष्ट अतिथि सुकलाल महतो ने समाज के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा को सबसे प्रभावी माध्यम बताया।
के.पी. सोरेन ने कहा कि आदिवासी समाज के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षित युवा ही समाज को नई दिशा दे सकते हैं। साथ ही अपनी भाषा, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण पर भी बल दिया।
सुकलाल महतो ने कहा कि आदिवासी संस्कृति प्रकृति से गहराई से जुड़ी हुई है। उन्होंने समाज की पारंपरिक जीवन-पद्धति, रीति-रिवाज और सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने की आवश्यकता बताई।
उन्होंने सभी वर्गों से आदिवासी समाज के विकास में सहयोग करने की अपील की। कार्यक्रम में विद्यालय के निदेशक सुधांशु जी, हिमांशु जी, प्रधानाचार्य कुणाल जी, शिक्षक-शिक्षिकाएं,छात्र-छात्राएं एवं अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।इस अवसर पर शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक अधिकार और संस्कृति संरक्षण को लेकर जागरूकता का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में आदिवासी समाज की गौरवशाली परंपराओं को सहेजने तथा शिक्षा के माध्यम से नई पीढ़ी को सशक्त बनाने का संकल्प लिया गया।
There is no ads to display, Please add some


Post Disclaimer
स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com
