
धनबाद, जुलाई। राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई, अल-इकरा टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज, गोविंदपुर, धनबाद के तत्वावधान में वन महोत्सव सप्ताह (1 से 7 जुलाई) के अवसर पर महाविद्यालय परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मोहम्मद शमीम अहमद ने वन महोत्सव के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत में प्रतिवर्ष 1 से 7 जुलाई तक वन महोत्सव सप्ताह मनाया जाता है। इसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता उत्पन्न करना है। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक वृक्षारोपण से प्रदूषण को कम किया जा सकता है, पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखा जा सकता है तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ एवं सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा सकता है।

इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम पदाधिकारी श्री अब्दुल्लाह ने प्रकृति के महत्व को समझने तथा उसके संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और प्रत्येक व्यक्ति को वृक्ष लगाने के साथ-साथ उनकी देखभाल भी करनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि वन महोत्सव का प्रमुख उद्देश्य वन क्षेत्र का विस्तार करना, जैव विविधता का संरक्षण करना, वायु एवं जल की गुणवत्ता में सुधार लाना, प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करना तथा पर्यावरणीय सतत विकास के प्रति लोगों को जागरूक करना है।

वक्ताओं ने अपने संबोधन में वनों, नदियों, पर्वतों, वन्य जीवों, औषधीय पौधों तथा अन्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की आवश्यकता पर भी बल दिया और कहा कि पर्यावरण संतुलन एवं सतत विकास के लिए इनका संरक्षण अत्यंत आवश्यक है।
वृक्षारोपण कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महाविद्यालय के शिक्षकगण, एनएसएस स्वयंसेवकों एवं छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर डॉ. अनवर खातून, डॉ. ममता कुमारी, डॉ. नादिरा रहमान, डॉ. नंदन चंदन पानी, श्री सत्य नारायण महतो (सहायक प्राध्यापक), डी.एल.एड. संकाय के श्री खुर्शीद आलम तथा श्री रेयाज़ हुसैन सहित बी.एड., एम.एड. एवं डी.एल.एड. के प्रशिक्षु उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों द्वारा अधिक से अधिक वृक्ष लगाने, उनकी सुरक्षा करने तथा स्वच्छ, हरित एवं स्वस्थ पर्यावरण के निर्माण में अपना सक्रिय योगदान देने की सामूहिक शपथ के साथ हुआ।
संदेश
“एक पेड़ माँ के नाम, एक पेड़ देश के नाम।”
“पेड़ लगाएँ – जीवन बचाएँ।”
“हरियाली होगी, तभी खुशहाली होगी।”
“आज एक पौधा लगाएँ, कल सुरक्षित भविष्य बनाएँ।”
संकल्प
“आइए, हम सब मिलकर संकल्प लें कि प्रत्येक वर्ष कम-से-कम एक पौधा अवश्य लगाएंगे, उसकी देखभाल करेंगे तथा पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान को जन-जन तक पहुँचाकर एक स्वच्छ, हरित और समृद्ध भारत के निर्माण में अपना योगदान देंगे।”
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