
झरिया: झारखंड आंदोलन के महानायक, शोषितों-वंचितों की आवाज और झारखंड के ‘दिशोम गुरु’ कहे जाने वाले शिबू सोरेन को मरणोपरांत महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान ‘पद्म भूषण’ से सम्मानित किए जाने पर कोयलांचल में खुशी की लहर दौड़ गई है। आज बुधवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) धनबाद महानगर एवं झरिया नगर के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने झरिया-जोरापोखर क्षेत्र में एकत्रित होकर इस ऐतिहासिक क्षण पर भारी हर्ष व्यक्त किया।
इस गौरवमयी अवसर पर कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों और गगनभेदी नारों के बीच एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर अपनी खुशी का इजहार किया। साथ ही, दिशोम गुरु के संघर्षपूर्ण जीवन और झारखंड राज्य निर्माण में उनके अद्वितीय एवं ऐतिहासिक योगदान को बड़ी शिद्दत से याद किया।

झारखंड के लंबे जनसंघर्षों और अस्मिता का सम्मान

समारोह के दौरान उपस्थित पार्टी पदाधिकारियों और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने दिशोम गुरु को नमन करते हुए कहा कि “यह सम्मान केवल दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी का व्यक्तिगत सम्मान नहीं है, बल्कि यह पूरे झारखंड, झारखंड अलग राज्य आंदोलन के लाखों संघर्षशील शहीदों व कार्यकर्ताओं तथा जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए हुए दशक लंबे जनसंघर्षों का सम्मान है। महामहिम राष्ट्रपति द्वारा दिया गया यह सर्वोच्च सम्मान हर उस झारखंडी का गौरव है जिसने इस मिट्टी के लिए लड़ाई लड़ी है।”
वक्ताओं ने आगे कहा कि दिशोम गुरु ने जिस तरह आदिवासियों, मूलवासियों और गरीबों के हक-अधिकार के लिए अपना पूरा जीवन न्योछावर कर दिया, उनका वह त्याग और संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा एक मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
समारोह में मुख्य रूप से उपस्थित रहे पदाधिकारी व कार्यकर्ता
मिठाई वितरण और इस भव्य खुशी समारोह को सफल बनाने में झारखंड मुक्ति मोर्चा के कई प्रमुख चेहरों और कार्यकर्ताओं ने अपनी भागीदारी दर्ज कराई। इस अवसर पर मुख्य रूप से उपस्थित रहने वालों में मदन राम (उपाध्यक्ष, झारखंड मुक्ति मोर्चा धनबाद महानगर),दिलीप महतो (झरिया नगर सचिव),अवधेश यादव (झरिया नगर युवा मोर्चा अध्यक्ष),
जाहिद शेख (झरिया नगर उपाध्यक्ष),जसीम अंसारी, रमेश सोरेन, जालंधर भुईयां, शकील अंसारी,गुलअफशा खातून, कर्मवीर पासवान, दिलीप यादव, राहुल चौहान,राहुल कुमार, सुमन मोदक, पप्पू विश्वकर्मा, सुरेश महतो, संतोष निषाद, सत्येंद्र कुर्मी, जीतू शर्मा समेत दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे। समारोह के अंत में सभी कार्यकर्ताओं ने दिशोम गुरु के सिद्धांतों पर चलने और झारखंड के नवनिर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का सामूहिक संकल्प लिया।
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