• Thu. Jun 11th, 2026

झारखंड प्राँत संघ शिक्षा वर्ग का समापन – राष्ट्र के परम वैभव हेतू समाज जागरण का आवाह्न

Subhasish Kumar's avatar

BySubhasish Kumar

Jun 11, 2026
crescent ad
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, झारखंड प्रांत का संघ शिक्षा वर्ग (प्रथम वर्ष) स्थानीय आर. वी. एस.इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में 26 मई से 10 जून तक सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसमें कुल 226 विद्यार्थी संघ शिक्षा वर्ग मे सम्मिलित हुए एवं घोष वर्ग में 72 शिक्षार्थियों ने प्रशिक्षण लिया , मुख्य शिक्षक सहित कुल 28 गण शिक्षकों ने वर्ग को संपन्न कराया, वर्ग के समापन अवसर पर आयोजित सार्वजनिक समारोह में शिक्षार्थी स्वयंसेवकों ने 15 दिनों के प्रशिक्षण में अर्जित शारीरिक, बौद्धिक एवं संगठनात्मक कौशल का प्रदर्शन किया , जिसे उपस्थित नागरिकों ने अत्यन्त उत्साह एवं श्रद्धा के साथ अवलोकन किया ,
समारोह में वर्ग के सर्वाधिक कार्य श्री महावीर मुंडा जी, विभाग संघचालक इंदर अग्रवाल जी , महानगर संघ चालक रामचंद्र जी , वर्ग कार्यवाह विजय जी उपस्थित थे , मुख्य अतिथि रामकृष्ण मिशन जमशेदपुर के अधीक्षक स्वामी कृष्णप्रेमानंद जी महाराज थे , उन्होंने अपने प्रेरक उद्बोधन में उन्होंने स्वामी विवेकानंद के राष्ट्र जागरण के संदेश का स्मरण कराते हुए, कहा कि भारत को पुनः विश्व में श्रेष्ठ स्थान पर प्रतिष्ठित करने के लिए प्रत्येक नागरिक में राष्ट्र भक्ति , चरित्र, सेवा और आत्मगौरव का भाव जागरित होना आवश्यक है, उन्होंने कहा कि संघ के कार्यक्रम में पहली बार उपस्थित होकर उन्हें स्वयंसेवकों के अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रनिष्ठा का प्रत्यक्ष अनुभव हुआ।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि एवं प्रख्यात उद्योग पति मुरलीधर केडिया ने कहा कि वे स्वयं बाल्यकाल से स्वयंसेवक रहें हैं, उनके जीवन और आचरण में जो भी श्रेष्ठ संस्कार एवं सकारात्मक गुण दिखाई देता है उसका श्रेय संघ की साखा और स्वयंसेवक जिवन को जाता है। उन्होंने कहा कि वे समाज और अपने परिचितों के बिच स्वयं को स्वयंसेवक कहने में गर्व का अनुभव करते हैं।
समारोह के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उत्तर पूर्व क्षेत्र कार्यवाह श्री मोहन सिंह जी ने संघ की स्थापना कि पृष्ठभूमि, विकास यात्रा और राष्ट्र जीवन में उसके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला, उन्होंने कहा कि संघ ने अनेक कठिन परिस्थितियों एवं चुनौतीयों का सामना करते हुए अपनी यात्रा आगे बढ़ाई है।
पुज्य महात्मा गांधी जी के हत्या के उपरांत संघ पर लगाया गया प्रतिबंध न्यायालय में असत्य सिद्ध हुआ और संघ पुर्णत: निर्दोष घोषित हुआ।
उन्होंने स्मरण कराया कि वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल के दौरान भी संघ के स्वयंसेवकों को प्रताड़ित करने का प्रयास हुआ किन्तु लोकतंत्र की रक्षा हेतु हजारों स्वयंसेवक जेल गए संघर्ष करते रहे, अंततः लोकतंत्र की विजय हुई और संघ पुनः निर्दोष सिद्ध हुआ।
अपने बातों को आगे रखते हुए उन्होंने कहा कि बर्ष 1992 में अयोध्या स्थित विवादित ढांचे के ध्वंस के पश्चात संघ पर पुनः प्रतिबंध लगाया गया किन्तु न्यायिक प्रक्रिया में संघ निर्दोष सिद्ध हुआ, आगे उन्होंने कहा कि इतिहास इस बात का साक्षी है कि संघ पर जितने आघात हुए प्रत्येक बार संघ और अधिक सशक्त होकर समाज के बिच खड़ा हुआ इसका कारण स्वयंसेवकों का निःस्वार्थ सेवा भाव, श्रेष्ठ आचरण तथा समाज के प्रति समर्पण है , आज देश भर में संघ से प्रेरित लाखों सेवा कार्य संचालित हो रहे हैं भुकंप, बाढ़, महामारी, तुफान अथवा किसी भी प्रकार कि प्राकृतिक आपदा के समय स्वयंसेवक बिना किसी भेद – भाव के सेबा कार्य में अग्रणी भूमिका निभाते हैं और आवश्यकता पड़ने पर अपने प्राणों कि परवाह नहीं करते।
उन्होंने संघ के आगामी शताब्दी वर्ष का उल्लेख करते हुए बताया कि संघ समाज जीवन में पांच प्रमुख विषयों सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक कर्तव्य तथा स्वदेशी जिवन दृष्टि को लेकर व्यापक जागरूकता और सकारात्मक परिवर्तन का वातावरण निर्मित होगा।
अंत में मोहन सिंह जी ने हिन्दू समाज के सभी बन्धु – भगिनीयों का आह्वान करते हुए कहा कि वे संघ के कार्य से जुड़े तथा अपने परिवार, समाज और राष्ट्र के उज्जवल भविष्य के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।
अंत में उन्होंने कहा कि संगठित,समरस, स्वाभिमानी और संस्कारित समाज ही भारत को परम वैभव के शिखर पर पहुंचा सकता है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, स्वयंसेवक एवं शिक्षार्थियों के परिजन उपस्थित रहे।

There is no ads to display, Please add some
Post Disclaimer

स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *