
रांची: झारखंड सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत कर्मियों के वेतन एवं मानदेय भुगतान के लिए 35.52 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। इस संबंध में राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा 1 जून को आदेश जारी कर दिया गया है। यह राशि राज्य योजना मद के अंतर्गत विभिन्न कार्यालयों में कार्यरत अमीन, राजस्व कर्मचारी, कंप्यूटर ऑपरेटर, चालक, सफाईकर्मी तथा होमगार्ड कर्मियों की सेवाओं के लिए आवंटित की गई है।
सरकार के इस निर्णय से विभागीय कार्यों के सुचारू संचालन के साथ-साथ कर्मचारियों को समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित हो सकेगा। विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए प्रत्येक अंचल कार्यालय में आउटसोर्सिंग के माध्यम से दो-दो होमगार्ड या सैनिक कल्याण निदेशालय के सेवानिवृत्त सैन्य कर्मियों को तीन पालियों में तैनात करने का निर्देश दिया है। इसके तहत शारीरिक एवं मानसिक रूप से पूरी तरह सक्षम कर्मियों की नियुक्ति की जाएगी तथा सेवानिवृत्त सैनिकों को प्राथमिकता देने की बात कही गई है।

जारी निर्देशों के अनुसार जिला स्तर पर अनुबंध के आधार पर कार्यरत नीलाम पत्र पदाधिकारियों के वेतन का भुगतान भी इसी राशि से नियमानुसार किया जाएगा। वहीं जिन कार्यालयों और परिसदन भवनों का संचालन आउटसोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से हो रहा है, वहां सफाई कर्मियों की सेवाओं और वाहनों की उपलब्धता के लिए टेंडर आधारित भुगतान भी इसी बजट से किया जाएगा।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्वीकृत राशि का उपयोग केवल निर्धारित और स्वीकृत कार्यों के लिए ही किया जाएगा। इस बजट का लेखा-जोखा स्थापना व्यय से अलग रखा जाएगा। साथ ही यदि वित्तीय वर्ष के दौरान पूरी राशि खर्च नहीं हो पाती है, तो बची हुई राशि 15 मार्च 2027 तक सरकार को वापस करना अनिवार्य होगा। सरकार के इस कदम को प्रशासनिक व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
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