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इंसानियत का धर्म सबसे बड़ा: नौशाद ने जान देकर बचाई जान

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May 11, 2026
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धनबाद के टोपचांची झील में इंसानियत, भाईचारे और मानवता की अद्भुत मिसाल पेश करते हुए 19 वर्षीय नौशाद आलम उर्फ अरमान ने एक डूबते हुए हिन्दू युवक की जान बचाने का प्रयास करते हुए अपनी स्वयं की जान कुर्बान कर दी।

आज झारखंड प्रदेश अध्यक्ष श्री कुमार गौरव जी ने नौशाद आलम उर्फ अरमान के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उचित मुआवजे की मांग की। साथ ही डूबे हुए हिन्दू युवक के परिजनों से भी मिलकर गहरी संवेदना व्यक्त की एवं श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर बड़े भाई एवं पूर्व प्रवक्ता श्री नवीन सिंह जी, प्रदेश महासचिव श्री टिंकू अंसारी जी, श्री आकीब जावेद जी, सिंदरी विधानसभा अध्यक्ष श्री यूसुफ अली जी जिला महासचिव तबरेज़ अन्सारी जी रिजवान अन्सारी जी जिला सचिव तासीर जी सरफ़राज़ जी एवं सैकड़ों की संख्या में युवा कांग्रेस के साथी उपस्थित रहे।

आज जब देश में हिन्दू-मुस्लिम की राजनीति कर लोगों को बांटने की कोशिश की जा रही है, ऐसे समय में नौशाद ने अपने बलिदान से यह साबित कर दिया कि इंसानियत ही सबसे बड़ा धर्म है।

उन्होंने अपने साहस और बलिदान से यह संदेश दिया कि मोहब्बत, भाईचारा और एक-दूसरे की मदद ही हमारे समाज की असली पहचान है।

“नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान” केवल एक नारा नहीं, बल्कि अरमान जैसे युवाओं की जीवंत सोच और उनके महान बलिदान का प्रतीक है।

ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें एवं शोकाकुल परिवारों को इस असीम दुःख को सहने की शक्ति दें।


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