
आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित रामकृष्णा फोर्जिंग लिमिटेड (पूर्व में जीएमटी यूनिट-2) में मजदूरों का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है।
मजदूरों का आरोप है कि कंपनी न तो उन्हें दोबारा नौकरी पर रख रही है और न ही किसी प्रकार का सेटलमेंट कर रही है। प्रबंधन की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं किए जाने से कामगारों में भारी आक्रोश व्याप्त है। धरनारत मजदूरों ने बताया कि पिछले चार से पांच दिनों से वे खुले आसमान और भीषण गर्मी के बीच यूनिट-2 के गेट पर शांतिपूर्ण तरीके से धरना दे रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं के समाधान को लेकर कंपनी प्रबंधन गंभीर नजर नहीं आ रहा है।
मजदूरों के अनुसार, इस मामले में श्रम विभाग के उच्च अधिकारियों को अलग-अलग माध्यमों से लिखित शिकायत भी सौंपी गई है, बावजूद इसके अब तक कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई है। कामगारों का कहना है कि एनसीएलटी कोर्ट द्वारा सभी पूर्व जीएमटी कर्मचारियों को नौकरी पर रखने का निर्देश दिया गया है, लेकिन इसके बावजूद प्रबंधन द्वारा न तो कोई लिखित वार्ता की गई और न ही समाधान निकालने का प्रयास किया गया। शनिवार को धरना स्थल पर टेंट लगाने के दौरान महिला कामगारों और कंपनी अधिकारियों के बीच नोकझोंक तथा धक्का-मुक्की की स्थिति भी उत्पन्न हो गई। मजदूरों ने आरोप लगाया कि महिला कर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार करने का प्रयास किया गया, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया। मजदूरों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो स्थिति उग्र हो सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी कंपनी प्रबंधन और श्रम विभाग के अधिकारियों की होगी। कामगारों ने प्रशासन और श्रम विभाग से तत्काल हस्तक्षेप कर मामले का समाधान कराने की मांग की है।
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