
बेरमो/बोकारो थर्मल –


डीवीसी बोकारो थर्मल की कोल रेलवे लाइन पर बीते छह दिनों से खड़ी दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो को शुक्रवार देर रात हाइड्रा मशीन की सहायता से हटा दिया गया। इसके साथ ही पिछले रविवार से पावर प्लांट परिसर में फंसे कोयला रैक और दो इंजन को भी रात लगभग 11:45 बजे बाहर निकाला जा सका, जिससे कोयला आपूर्ति पुनः शुरू हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 19 अप्रैल को पावर प्लांट का कोल गेट तोड़ते हुए एक कोयला रैक बाहर निकल आई थी। इसी दौरान रेलवे ट्रैक पर खड़ी कथारा निवासी अमरदीप की स्कॉर्पियो को रैक ने करीब 500 मीटर तक घसीट दिया था। इस घटना में रैक का एक डिब्बा पटरी से उतर गया था। हादसे के बाद रेलवे प्रशासन ने इंजन चालक अरुण कुमार सहित दोनों चालकों को निलंबित कर दिया था।
घटना के बाद से ही वाहन मालिक मुआवजे की मांग पर अड़ा हुआ था। वहीं रेलवे और डीवीसी प्रबंधन के बीच जिम्मेदारी तय नहीं होने के कारण मामला कई दिनों तक लंबित रहा। स्कॉर्पियो के ट्रैक पर फंसे रहने से कोयला रैक का आवागमन बाधित हो गया था, जिससे पावर प्लांट में कोयले की आपूर्ति प्रभावित हुई और संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई थी।
शुक्रवार शाम स्थानीय थाना परिसर में इंस्पेक्टर पिंकू कुमार यादव की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में बरकाखाना आरपीएफ के सहायक समादेष्टा मनोज कुमार श्रीवास्तव, इंस्पेक्टर टीएस अहमद, वाहन मालिक अमरदीप, कांग्रेस नेता प्रमोद सिंह एवं जोगेंद्र गिरी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
बैठक के दौरान आरपीएफ अधिकारियों ने वाहन मालिक को रेलवे ट्रिब्यूनल में परिवाद दायर करने की सलाह दी, जहां सुनवाई के बाद अधिकतम आठ लाख रुपये तक मुआवजा मिल सकता है। इसके साथ ही स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराकर बीमा दावा करने और डीवीसी प्रबंधन से भी क्षतिपूर्ति की मांग करने का सुझाव दिया गया। अंततः सभी पक्षों की सहमति से तत्काल वाहन हटाने का निर्णय लिया गया।
इसके पश्चात रात करीब 11 बजे डीवीसी प्रबंधन ने हाइड्रा मशीन के माध्यम से स्कॉर्पियो को ट्रैक से हटाया। ट्रैक साफ होते ही पिछले छह दिनों से रुके कोयला रैक को पावर प्लांट से बाहर निकाला गया, जिससे परिचालन सामान्य हो सका।
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