
सरायकेला : ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र के हाड़ात गांव में हाथी हमले से 2 लोगों की मौत के बाद जिला डीएफओ सवा आलम अंसारी के निर्देश पर चांडिल वन क्षेत्र का अमला अलर्ट मोड पर आ गया है। शनिवार की शाम वनपाल, वनरक्षी और एलीफेंट ड्राइव टीम आदरडीह गांव के आसपास मोर्चा संभाल लिया।


*हाथ में मशाल-पटाखे लेकर पहुंची टीम:*
हाथियों को जंगल से गांव में उतरने से रोकने के लिए वन विभाग की टीम हाथ में मशाल, टॉर्च और पटाखे लेकर रात्रि में आदरडीह के जंगली इलाके में पहुंची। टीम ने पूरी रात गश्त कर हाथियों के झुंड पर नजर रखी और उन्हें आबादी की ओर बढ़ने से रोका।
वन विभाग का मकसद था कि जंगल से हाथी उतरकर गांव न पहुंचे। टीम ने डुमरा-आदरडीह के बीच जंगल में डेरा डाले 8-10 हाथियों के झुंड को पटाखे और मशाल के जरिए दलमा पहाड़ की ओर खदेड़ने का प्रयास किया। ग्रामीणों को भी सतर्क रहने और रात में घर से बाहर न निकलने की हिदायत दी गई।
*लगातार हो रही घटनाओं से दबाव में विभाग:*
ईचागढ़ क्षेत्र में हर सप्ताह हो रही मौतों के बाद वन विभाग पर दबाव बढ़ गया है। सामाजिक कार्यकर्ताओं और नेताओं द्वारा डीएफओ और रेंजर की निष्क्रियता पर सवाल उठाने के बाद अब विभाग फील्ड में सक्रिय दिख रहा है।
चांडिल रेंजर ने बताया कि एलीफेंट ड्राइव टीम 24 घंटे अलर्ट पर है। संवेदनशील गांवों में मॉनिटरिंग बढ़ा दी गई है। ग्रामीणों से अपील है कि हाथी दिखने पर तुरंत वन विभाग को सूचना दें, खुद भगाने का प्रयास न करें।
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