• Thu. Feb 12th, 2026

पेंशनरों ने भरी हुंकार: गोविंदपुर में एकजुट हुआ झारखंड पेंशनर समाज, हक के लिए संघर्ष का ऐलान

admin's avatar

Byadmin

Feb 12, 2026

गोविंदपुर (धनबाद): गोविंदपुर के बनकली रोड स्थित गुलेन बाबू बागान में ‘झारखंड पेंशनर समाज’ द्वारा वनभोज सह मिलन समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में न केवल स्थानीय बल्कि प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारियों ने हिस्सा लेकर पेंशनरों की एकजुटता को नई धार दी। प्रकृति की गोद में आयोजित इस मिलन समारोह का मुख्य उद्देश्य पेंशनभोगियों की समस्याओं पर चर्चा करना और भविष्य के संघर्ष की रणनीति तैयार करना था।

 

*भ्रष्टाचार और विसंगतियों पर कड़ा प्रहार*

 

समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने सेवामुक्त कर्मियों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार और प्रशासनिक बाधाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की। वक्ताओं ने कहा कि एक सरकारी कर्मचारी अपना पूरा जीवन देश और जनता की सेवा में समर्पित कर देता है, लेकिन सेवानिवृत्ति के बाद उसे अपने ही पूर्व सहकर्मियों और कार्यालयों में विसंगतियों का सामना करना पड़ता है।

 

गंभीर आरोप लगाते हुए कहा गया कि आज के दौर में रिटायरमेंट के बाद अपने ही हक की बकाया राशि (एरियर और अन्य लाभ) की वसूली के लिए पेंशनरों को ‘भेंट’ चढ़ानी पड़ती है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

 

*दोहरी नीति का विरोध: ‘विधायकों को लाभ, कर्मियों पर मार’*

 

कार्यक्रम में सरकार की नीतियों के प्रति तीखा आक्रोश देखा गया। वक्ताओं ने सवाल उठाया कि एक तरफ जहां सांसदों (MPs) और विधायकों (MLAs) के वेतन और पेंशन में लगातार वृद्धि की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ देश के विकास की नींव रखने वाले सरकारी कर्मचारियों की पेंशन पर सरकार कैंची चला रही है। समाज के प्रतिनिधियों ने इसे ‘दोहरी नीति’ करार देते हुए कहा कि जो लोग निष्ठापूर्वक सेवा कर चुके हैं, उनके अधिकारों का हनन अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

 

*संगठित आंदोलन की चेतावनी*

 

पेंशनर समाज ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि यदि सरकार और प्रशासन ने उनकी जायज मांगों और पेंशन से जुड़ी विसंगतियों को दूर नहीं किया, तो वे राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर उग्र आंदोलन करेंगे। “हमारा संघर्ष हमारे सम्मान और अधिकार के लिए है,” इस आह्वान के साथ सभी पेंशनरों से एकजुट होने की अपील की गई।

 

*प्रमुख हस्तियों की रही गरिमामयी उपस्थिति*

 

इस कार्यक्रम में प्रदेश और जिला स्तर के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों ने अपने विचार रखे। मुख्य रूप से कमलेश सिंह, चंद्रभूषण सिंह, एस एन लाल त्यागी, डॉ. यू. एल. विश्वकर्मा और डॉ. अनिल कुमार समेत कई गणमान्य लोग मौजूद थे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने एक स्वर में संगठन को मजबूत करने और अपने हक के लिए अंतिम समय तक लड़ने का संकल्प लिया।


There is no ads to display, Please add some
Post Disclaimer

स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *