
जमशेदपुर : जिला पुलिस ने कैरव गांधी अपहरण कांड में सूझबूझ, धैर्य और सटीक रणनीति का परिचय देते हुए बड़ी सफलता हासिल की है।

पुलिस ने तीन अपहर्ताओं को उस समय धर दबोचा, जब वे अपहृत कैरव गांधी को एक ठिकाने से दूसरे ठिकाने पर शिफ्ट कर रहे थे। इस साहसिक और सुनियोजित कार्रवाई के दौरान पुलिस ने न केवल कैरव गांधी को पूरी तरह सुरक्षित मुक्त कराया, बल्कि अपहरण में इस्तेमाल की गई कार और हथियार भी जब्त किए।

इस पूरे ऑपरेशन को जमशेदपुर पुलिस की पेशेवर दक्षता का बेहतरीन उदाहरण माना जा रहा है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, अपहरण के बाद से ही पुलिस लगातार तकनीकी और मानवीय खुफिया तंत्र के माध्यम से अपहर्ताओं की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी। करीब तीन दिन पहले ही पुलिस को अपहर्ताओं के ठिकाने की पुख्ता जानकारी मिल गई थी।
हालांकि, पुलिस अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपहृत कैरव गांधी की सुरक्षा थी। सीधे ठिकाने पर छापेमारी करने की स्थिति में कैरव की जान को गंभीर खतरा हो सकता था। ऐसे में पुलिस ने जल्दबाजी करने के बजाय धैर्य और रणनीति के साथ ऑपरेशन को अंजाम देने का निर्णय लिया।
योजना के तहत सादा लिबास में विशेष पुलिस टीमों को तैनात किया गया। इन टीमों ने अपहर्ताओं के संपर्क सूत्रों, वाहनों, फोन गतिविधियों और मूवमेंट पर लगातार निगरानी रखी। पुलिस हर कदम बेहद सतर्कता से उठा रही थी, ताकि किसी भी स्तर पर अपहर्ताओं को शक न हो और कैरव को सुरक्षित निकाला जा सके। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि अपहर्ता कैरव गांधी को मौजूदा ठिकाने से किसी अन्य स्थान पर ले जाने की तैयारी कर रहे हैं।
कार के निकलते ही पुलिस ने की घेराबंदी
जैसे ही संदिग्ध कार ठिकाने से निकलकर सड़क पर आई, पहले से घात लगाए बैठी पुलिस टीमों ने चारों ओर से घेराबंदी कर ली। कुछ ही मिनटों के भीतर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों अपहर्ताओं को काबू में ले लिया।
कार की तलाशी लेने पर कैरव गांधी सुरक्षित अवस्था में मिले। मौके से हथियार और अपहरण में प्रयुक्त वाहन को भी जब्त कर लिया गया। पूरे ऑपरेशन के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई, जो पुलिस की सटीक योजना और अनुशासन को दर्शाता है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन की पहली और सर्वोच्च प्राथमिकता कैरव गांधी की सुरक्षा थी। सीधे ठिकाने पर दबिश देने की तुलना में शिफ्टिंग के दौरान कार्रवाई करना सबसे सुरक्षित और प्रभावी तरीका साबित हुआ।
पुलिस के अनुसार, पूरे अभियान में अपहृत कैरव ने भी साहस और संयम बनाए रखा, जिससे ऑपरेशन को सफल बनाने में मदद मिली।
फिलहाल गिरफ्तार तीनों आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान अपहरण गिरोह के अन्य सदस्यों और इस कांड के मास्टरमाइंड तक भी पहुंचा जा सकेगा। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस वारदात की योजना कहां, कब और किसके इशारे पर बनाई गई थी।
कैरव गांधी की सकुशल बरामदगी से परिजनों ने राहत की सांस ली है। वहीं इस पूरी कार्रवाई को लेकर शहरभर में जमशेदपुर पुलिस की सतर्कता, पेशेवर कार्यशैली और रणनीतिक कौशल की जमकर सराहना हो रही है।
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