

संवाददाता, चंचल गोस्वामी

सरायकेला/परिसर: राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर स्थानीय अपर्णा पब्लिक स्कूल के प्रांगण में देशभक्ति का अभूतपूर्व ज्वार देखने को मिला। विद्यालय प्रबंधन द्वारा आयोजित इस समारोह में न केवल तिरंगे की आन-बान और शान का उत्सव मनाया गया, बल्कि भावी पीढ़ी को देश की समृद्ध विरासत और आत्मनिर्भरता के संकल्प से भी जोड़ा गया। कार्यक्रम की भव्यता ने उपस्थित सभी अभिभावकों और अतिथियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

शानदार ध्वजारोहण और राष्ट्रगान की गूंज
समारोह का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि, विद्यालय के उपाध्यक्ष श्री के. के. एस. सिन्हा द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ हुआ। इसके पश्चात श्री के. के. सिंह ने गौरव के साथ विद्यालय ध्वज फहराया। जैसे ही बैंड की धुनों के बीच राष्ट्रगान की स्वरलहरी गूंजी, पूरा परिसर राष्ट्रभक्ति के मौन और सम्मान में डूब गया। उपस्थित जनसमूह ने ससम्मान तिरंगे को सलामी दी और देश की एकता व अखंडता को अक्षुण्ण रखने का संकल्प लिया।
गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर विद्यालय की प्रशासनिक और शैक्षणिक टीम पूरी सक्रियता के साथ उपस्थित रही। समारोह में मुख्य रूप से प्राचार्य डॉ. अनुपम नायक, जूनियर विंग के निदेशक श्री करुणेश कौशल, रेनू कौशल, मोहिनी सिन्हा और रिचा मैम सहित समस्त शिक्षकगण मौजूद थे। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों की उपस्थिति ने कार्यक्रम के उत्साह को दोगुना कर दिया।
विशेष विषय: ‘स्वतंत्रता और समृद्धि का मंत्र’
इस वर्ष गणतंत्र दिवस के उत्सव को एक विशेष विषय (Theme) पर आधारित किया गया था— ‘स्वतंत्रता का मंत्र: वंदे मातरम एवं समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर भारत’। पूरे कार्यक्रम की रूपरेखा इसी उद्देश्य को ध्यान में रखकर तैयार की गई थी कि कैसे भारत अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहकर वैश्विक पटल पर आत्मनिर्भर बन रहा है।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनमोहक प्रस्तुति
छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। कार्यक्रम में निम्नलिखित प्रस्तुतियां विशेष
आकर्षण का केंद्र रहीं:
देशभक्ति गायन व नृत्य: नन्हे-मुन्ने बच्चों ने तिरंगे के रंगों में सराबोर होकर सामूहिक नृत्य प्रस्तुत किया, जिसने दर्शकों में जोश भर दिया।
’जय जवान जय किसान’ नाटक: विद्यार्थियों द्वारा अभिनीत इस नाटक ने देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिकों और अन्नदाताओं के संघर्ष को इतनी जीवंतता से दिखाया कि उपस्थित जनसमूह की आंखें नम हो गईं।
ओजस्वी भाषण: वरिष्ठ छात्रों ने संविधान के महत्व और युवाओं की जिम्मेदारी पर प्रेरक विचार साझा किए।
मुख्य अतिथि का प्रेरक संदेश
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि श्री के. के. एस. सिन्हा ने कहा कि भारत की वास्तविक शक्ति इसके युवाओं में निहित है। उन्होंने नई पीढ़ी को ‘स्वर्णिम भारत’ की विरासत सौंपते हुए आह्वान किया कि वे न केवल शिक्षित बनें, बल्कि एक अच्छे और राष्ट्रभक्त नागरिक के रूप में स्वयं को विकसित करें। उन्होंने देश को एकजुट रखने और सामूहिक प्रयास से आत्मनिर्भर बनाने पर बल दिया।
समारोह का समापन
कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य डॉ. अनुपम नायक ने सभी अतिथियों, अभिभावकों और विशेषकर उन बच्चों का आभार व्यक्त किया जिन्होंने कठिन अभ्यास के बाद इस समारोह को सफल बनाया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि बच्चों के भीतर राष्ट्र के प्रति संवेदनशीलता जगाना है। राष्ट्रगान के साथ इस गौरवमयी समारोह का विधिवत समापन हुआ और बच्चों के बीच मिष्ठान वितरण किया गया।
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