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सरायकेला : देवी सरस्वती की पूजा अर्चना चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में श्रद्धा के साथ मनाए गई ।

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Byadmin

Jan 23, 2026

 

सरायकेला : बसंत पंचमी के दिन भारत बर्ष में मां वीणापानी

देवी मा सरस्वती की पूजा श्रद्धा पूर्वक पूजी गई ।चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के शैक्षणिक संस्थानों एवं विभिन्न स्थानों में पूजा के लिए निर्माण की गई भव्य पंडालों में स्थापित विद्या की देवी सरस्वती की श्रद्धालुओं द्वारा भक्ति श्रद्धा के साथ पूजा की गई।

इस शुभ दिन पर ‘या कुन्देन्दुतुषारहारधवला’ जयघोष से भक्तिमय वातावरण हुआ। चांडिल प्रखंड के टाटा पुरुलिया मुख्य राज्यमार्ग स्थित नेगडीह गांव में तालाब के अंदर पानी में स्थापित देवी सरस्वती की प्रतिमा आकर्षण का केंद्र बना। पुजा कमिटी के सौरव महतो ने बताया कि 1996 से शानदार

वॉयेज क्लब द्वारा तालाब के अंदर प्रतिमा स्थापित कर पूजा अर्चना की जा रही है। तलाव के अंदर पांच फिट पानी के अंदर पुजारी को कांदे में बैठाकर पानी के अंदर बाहर किया जाता है।

पुजारी ने कहा कि प्राचीन काल से लोगों में आस्था है कि बसंत पंचमी के महापर्व पर मां सरस्वती की श्रद्धा और विश्वास के साथ पूजा करने पर साधक की विद्या, बुद्धि और कला बढ़ती है।

उसकी साधना सफल होती है और प्रत्येक क्षेत्र में वह उन्नति प्राप्त करता है। मां सरस्वती के आशीर्वाद से व्यक्ति को वाणी की मधुरता, कला-साधना में सफलता और मानसिक शुद्धता प्राप्त होती है।आज शाम को महिलाए एवं युवती मां सरस्वती की पंडाल एवं प्रतिमा देखने पहुंचे ।यह वसंत पंचमी में ईचागढ़ विधान सभा क्षेत्र में धूमधाम से मनाए जाते है।दूरदराज से लोगो पहुंचते हे।


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