
बोकारो थर्मल
बोकारो थर्मल में शनिवार को मजदूरों के सवाल को लेकर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कार्य पूर्ण रूप से ठप कर दिया गया। यह कार्रवाई गोविंदपुर सी पंचायत के मुखिया सह कांग्रेस नेता विकास सिंह उर्फ बबलू सिंह के नेतृत्व में की गई। यह प्लांट गुजरात की कंपनी भरत जी पटेल द्वारा लगभग 28 करोड़ रुपये की लागत से बोकारो थर्मल कॉलोनी में निर्माणाधीन है।

मामला कंपनी के अधीन कार्यरत सुरक्षा गार्ड अशोक पासवान से जुड़ा है, जिनकी ड्यूटी के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया। इसी क्रम में उन्हें पैरालिसिस का अटैक हो गया। इस गंभीर स्थिति की सूचना कंपनी प्रबंधन को दी गई, लेकिन आरोप है

कि कंपनी की ओर से पीड़ित कर्मी को किसी भी तरह का आर्थिक या चिकित्सीय सहयोग नहीं दिया गया। इस संबंध में स्थानीय मुखिया विकास सिंह द्वारा कंपनी प्रबंधन एवं डीवीसी के अधिकारियों से मौखिक वार्ता भी की गई। किंतु समस्या का कोई समाधान नहीं निकल सका। इसके बाद मजदूरों के समर्थन में निर्माण कार्य को ठप करने का निर्णय लिया गया।
वहीं कंपनी के अधीन कार्यरत मजदूरों का कहना है कि उन्हें न तो सही मेहनताना दिया जाता है और न ही किसी प्रकार की बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। मजदूरों ने यह भी आरोप लगाया कि कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाता हैं। और सुरक्षा गार्डों का न तो ईपीएफ काटता है। न ईएसआई बना है।
जिससे गंभीर बीमार होने पर सही ढंग से इलाज हो सके। मुखिया विकास सिंह ने स्पष्ट कहा कि जब तक बीमार कर्मी को न्याय, उचित मुआवजा और मजदूरों को उनका हक नहीं मिलेगा, तब तक कार्य शुरू नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर मजदूरों के हित में ठोस कार्रवाई की मांग की है। जिसके बाद त्रिपक्षीय वार्ता हुई। जिसमें डीवीसी प्रबंधन के ओर से वरीय महा प्रबंधक एए कुजूर, एसपीएम पार्थसारथी मुखर्जी, डीवीसी के कंस्ट्रक्शन हेड सह वरीय प्रबंधक देव प्रसाद खां, एचआर प्रबंधक सुनील कुमार, मजदूर के तरफ से मुखिया सह विधायक प्रतिनिधि नेता विकास सिंह उर्फ बबलू सिंह, सांसद प्रतिनिधि जितेंद्र यादव, टिंकू सिंह, कंपनी के तरफ से प्रोजेक्ट मैनेजर विकास कुमार,
राजेश सिंह आदि मौजूद थे। जहां विधायक प्रतिनिधि ने अशोक पासवान के इलाज में खर्च हुए पैसे, दो लाख मुआवजा सहित कंपनी जब तक कार्य करेगी तब तक मजदूर को हर माह उसका मानदेय देना होगा। जिस पर प्रोजेक्ट मैनेजर विकास कुमार ने कहा कि इलाज का खर्च आज शाम तक हम दे देगे। बाकी कंपनी के मालिक भावेश द्विवेदी से बात होने पर हम कह सकते हैं जिस पर वरीय महा प्रबंधक एए कुजूर ने पंद्रह दिनों का समय लेते हुए सीवरेज ट्रीटमेंट का काम सुचारू रूप से चलने देने को कहा जिसे सभी ने मानते हुए। काम को चालू करने दिया।
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