
सरायकेला: झारखंड सरकार द्वारा आगामी बजट की तैयारी को लेकर आयोजित ‘बजट पूर्व संगोष्ठी’ में सरायकेला-खरसावां जिले की ओर से दमदार पैरवी की गई है। सरायकेला-खरसावां चैंबर ऑफ कॉमर्स के महासचिव मनोज कुमार चौधरी ने जिले के औद्योगिक, सांस्कृतिक और बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर सरकार को कई महत्वपूर्ण सुझाव सौंपे हैं।

जिले के विकास के लिए 5 सूत्री मांगें: संगोष्ठी के दौरान मनोज चौधरी ने स्पष्ट किया कि सरायकेला-खरसावां के समग्र विकास के लिए निम्नलिखित बिंदुओं पर बजटीय प्रावधान अनिवार्य हैं:

छऊ कला का संवर्धन: सरायकेला की पहचान विश्व प्रसिद्ध छऊ नृत्य से है। इसके संरक्षण और कलाकारों के प्रोत्साहन के लिए विशेष फंड की मांग की गई है।
रिंग रोड का निर्माण: जिले के शहरी क्षेत्रों में बढ़ते ट्रैफिक के दबाव को कम करने और मालवाहक वाहनों के सुगम परिचालन के लिए रिंग रोड का प्रस्ताव रखा गया।
रेलवे कनेक्टिविटी: जिला मुख्यालय को मुख्य रेल लाइन से जोड़ने की पुरानी मांग को दोहराते हुए इसके लिए ठोस बजटीय आवंटन का आग्रह किया गया।
फोरलेन सड़क: व्यापारिक और यातायात सुगमता के लिए चौका से चाईबासा तक की महत्वपूर्ण सड़क को फोरलेन में तब्दील करने की आवश्यकता जताई गई।
भाषाई शिक्षा: ओड़िया सहित अन्य स्थानीय भाषाओं के संरक्षण के लिए शिक्षा के क्षेत्र में विशेष बजटीय सहायता की अपील की गई।
वित्त मंत्री से सकारात्मक आश्वासन की उम्मीद: बैठक के समापन पर मनोज चौधरी ने झारखंड के माननीय वित्त मंत्री के साथ इन प्रस्तावों पर चर्चा की। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार इस बार के बजट में सरायकेला-खरसावां की इन बुनियादी जरूरतों को प्राथमिकता देगी ताकि जिले के विकास को नई गति मिल सके।
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