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इमेजिंग झारखंड कांक्लेव’ शुरू: बीसीसीएल सीएमडी बोले- ‘हमारी मुख्य समस्या रंगदारी और माफियागिरी’

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Byadmin

Dec 14, 2025

 

 

 

धनबाद (गोविंदपुर): आईआईटी आईएसएम, झारखंड इंडस्ट्रीज एंड ट्रेड एसोसिएशन (GITA) और एलुरु सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय ‘इमेजिंग झारखंड कांक्लेव’ शनिवार को गोविंदपुर के राजविलास रिसोर्ट में समारोहपूर्वक शुरू हुआ। इस कांक्लेव में कला, संस्कृति, पर्यटन व व्यापार के विकास पर मंथन किया जाएगा और पुरस्कार वितरण होगा। इसका समापन रविवार को होगा।

 

बीसीसीएल सीएमडी मनोज अग्रवाल का वक्तव्य

उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए बीसीसीएल (BCCL) के सीएमडी मनोज अग्रवाल ने कंपनी के सामने आ रही चुनौतियों को बेबाकी से रखा:

 

मुख्य समस्या: उन्होंने कहा कि बीसीसीएल की मुख्य समस्या रंगदारी, दादागिरी और माफियागिरी है।

 

विकास के लिए सुधार: कंपनी की प्रगति के लिए कोयला के अवैध उत्खनन पर रोक लगानी होगी और गुणवत्ता (Quality) सुधारनी होगी।

 

राजस्व लाभ: उन्होंने दावा किया कि यदि क्वालिटी में सुधार हो गया तो बीसीसीएल को दो से 3 हज़ार करोड़ का अधिक लाभ होगा।

 

अवैध कोयला का वर्चस्व: उन्होंने चिंता जताई कि आज बीसीसीएल का कोयला बिक नहीं रहा है, जबकि अवैध उत्खनन का कोयला धड़ल्ले से बिक रहा है।

 

कार्यवाही: सीएमडी ने बताया कि ठेकेदार और ऑपरेटरों के हावी होने पर कार्रवाई शुरू की गई है, और अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो रही है।

 

अपील: उन्होंने जीटा से अपील की कि अवैध उत्खनन रोकने के लिए सांसद, विधायकों, डीसी, एसएसपी, सेल, डीजीएमएस और बीसीसीएल की एक संयुक्त बैठक इसी मंच पर आयोजित की जाए।

 

उच्च क्वालिटी का भंडार: उन्होंने कहा कि अगले 20-30 वर्षों में नन-कोकिंग कोल समाप्त हो जाएगा, लेकिन देश में 200 वर्षों के लिए कोयले का पर्याप्त भंडार है और बीसीसीएल के पास उच्च क्वालिटी का कोकिंग कोयला है।

 

अन्य विशिष्ट अतिथियों के विचार

प्रोफेसर एके मिश्रा (निदेशक, सिम्फर): उन्होंने धनबाद में बीसीसीएल, आईआईटी आईएसएम और सिंफर जैसे संस्थान होने के बावजूद युवकों के दूसरे शहरों में पलायन को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने उद्योगों को सहयोग देने का आश्वासन दिया और पानी की समस्या के समाधान पर ज़ोर दिया।

 

प्रियरंजन (कार्यकारी निदेशक, सेल): उन्होंने कहा कि सेल झारखंड के विकास में योगदान दे रहा है और औद्योगिक विकास में उद्यमियों को पूरी मदद करने को तैयार है।

 

वीर प्रताप (उपनिदेशक मुख्यालय, डीजीएमएस): उन्होंने बताया कि खनन क्षेत्र के विकास में डीजीएमएस की विशिष्ट भूमिका रही है और वर्ष 2030 तक 80 हज़ार महिला अधिकारियों और कर्मियों की भागीदारी हो जाएगी।

 

जीटा और आयोजन का उद्देश्य

अमितेश सहाय (जीटा अध्यक्ष): उन्होंने कहा कि यह कांक्लेव उद्यमियों, केंद्र/राज्य सरकारों की संस्थाओं और उद्योग जगत के बीच सेतु बनाने का संगठित प्रयास है। जीटा का संकल्प झारखंड को निवेश और रोजगार के लिए देश का अग्रणी राज्य बनाना है।

 

शालिनी गौतम (कार्यक्रम संयोजक, आईआईटी आईएसएम): उन्होंने कहा कि उद्योगों को बढ़ावा देने और उद्यमियों की समस्याओं के समाधान की दिशा में यह एक अभिनव प्रयोग है। रविवार को कई सत्रों में उद्योगों के साथ बैठक की जाएगी और निष्कर्ष निकाला जाएगा।

 

क्या आप इस कांक्लेव के कल (रविवार) होने वाले समापन सत्र के मुख्य निष्कर्षों या पुरस्कार वितरण की जानकारी जानना चाहेंगे?


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