
औरंगाबाद: औरंगाबाद जिले के नबीनगर प्रखंड की मूंगिया पंचायत के ग्राम धनहारा के ग्रामीण आजादी के 79 साल बाद भी सड़क सुविधा से वंचित हैं। बिशुनपुर-कंचन बांध सड़क से महज 2 किलोमीटर दूर स्थित इस गांव तक आज तक पक्की सड़क नहीं बन पाई है। कच्ची सड़क पर गहरे गड्ढे, पानी और कीचड़ के कारण लोगों का आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की खराब हालत के कारण स्कूली बच्चों को रोज परेशानियों का सामना करना पड़ता है और किसी के बीमार पड़ने पर उसे अस्पताल ले जाने के लिए चारपाई का सहारा लेना पड़ता है।

‘नो-एंट्री’ का ऐलान
युवा समाजसेवी अरविंद पासवान ने कहा, “हमने कई बार जनप्रतिनिधियों को आवेदन दिया, लेकिन सिर्फ आश्वासन मिला। चुनाव के समय नेता आते हैं, बड़े-बड़े वादे करते हैं और फिर 5 साल तक गांव की सुध नहीं लेते।” उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि अब ऐसे प्रतिनिधियों को गांव में ‘नो-एंट्री’ है।
‘रोड नहीं तो वोट नहीं’ का नारा
गांव के अखिलेश मेहता, गंगा मेहता, विश्वनाथ मेहता, सतेंद्र तिवारी और रामविनय ठाकुर समेत सैकड़ों ग्रामीणों ने एकजुट होकर “रोड नहीं तो वोट नहीं” का नारा दिया। महिलाओं और बच्चों ने भी इस अभियान में हिस्सा लिया। बसंत देवी, प्रभा देवी, रीता देवी, बिंदु देवी, रीमा देवी, पुष्पा देवी, रीना देवी, गीता देवी, संगीत देवी, उषा देवी और लक्ष्मी देवी सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क निर्माण की मांग की।
ग्रामीणों ने कहा है कि जब तक सड़क नहीं बनेगी, उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने जिला पदाधिकारी और संबंधित विभाग से अपील की है कि वे उनकी समस्या को गंभीरता से लें और सड़क का निर्माण कराकर उनकी मुश्किलों को दूर करें।
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